Haryana Minor Rape Case: पानीपत अदालत का बड़ा फैसला, डीएनए रिपोर्ट और गवाहों के आधार पर दोषी करार दिया गया आरोपी

पानीपत में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में अदालत का कड़ा फैसला। सौतेले पिता को 40 साल की कठोर कैद और 50 हजार का जुर्माना।
 
Panipat news today

पानीपत:  हरियाणा में महिला सुरक्षा और न्याय से जुड़े एक मामले में अदालत ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने अपनी ही 15 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने के दोषी सौतेले पिता को 40 साल की कठोर कैद और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को तीन साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

क्या था पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार के सिवान जिले की रहने वाली एक महिला ने 27 जुलाई 2024 को पुराना औद्योगिक थाने में अपनी 15 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म की प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवाई थी। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया था कि उनके पहले पति की 11 साल पहले मौत हो गई थी, जिनसे उनकी एक बेटी (पीड़िता) है। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की थी, जिससे उनकी तीन बेटियां और हैं।घटना वाले दिन 27 जुलाई को जब मां काम के सिलसिले में घर से बाहर गई हुई थी, तब उसके दूसरे पति (सौतेले पिता) ने इस घृणित कृत्य को अंजाम दिया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट भी की थी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत के आधार पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 23 गवाह पेश किए गए। इसके अलावा, मेडिकल और डीएनए जांच रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर अदालत ने दोषी को यह कड़ी सजा सुनाई है।