सोनीपत एनकाउंटर: पुलिस मुठभेड़ में मोस्ट वांटेड अपराधी गोपाल ढेर
सोनीपत के गन्नौर में पुलिस और बदमाश गोपाल के बीच मुठभेड़। मोस्ट वांटेड गोपाल की मौत, एक पुलिसकर्मी भी घायल। जानें पूरी घटना और आरोपी का आपराधिक इतिहास।
सोनीपत: सोनीपत के गन्नौर क्षेत्र में पुलिस और कुख्यात बदमाश गोपाल के बीच हुई मुठभेड़ में मोस्ट वांटेड अपराधी गोपाल की इलाज के दौरान मौत हो गई. मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुआ है. पुलिस के अनुसार गोपाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की नीयत से क्षेत्र में पहुंचा था. सूचना मिलने पर सीआईए-1 सोनीपत और सीआईए गन्नौर की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग हुई.
सूचना पर घेराबंदी, शुरू हुई फायरिंग: पुलिस के मुताबिक खुबडू-नदिपुर माजरा रोड पर टीम ने गोपाल को पकड़ने का प्रयास किया. इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं. मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से करीब 10 से 15 राउंड फायर हुए. गोली लगने से गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक पुलिस जवान भी जख्मी हो गया.
अस्पताल में तोड़ा दम: वहीं, घायल गोपाल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं घायल पुलिसकर्मी का अस्पताल में उपचार जारी है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त ममता सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया. पुलिस ने घटनास्थल से दो हथियार और अन्य साक्ष्य बरामद कर जांच शुरू कर दी है.
कई संगीन मामलों में था वांछित: पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने बताया कि, "गोपाल पर हत्या, हत्या के प्रयास, शराब ठेके पर लूट, तोड़फोड़ और आगजनी सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे. वह दो मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था. उसे 70 दिन की पैरोल मिली थी, लेकिन 23 मई को जेल में सरेंडर करने के बजाय वह फरार हो गया था."
हत्या की साजिश की थी सूचना: वहीं, डीसीपी क्राइम नरेंद्र कादियान ने कहा कि, "हमें सूचना मिली थी कि गोपाल किसी व्यक्ति की हत्या करने की नीयत से क्षेत्र में आया हुआ है. इसी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की. आरोपी ने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी. मौके से दो हथियार बरामद किए गए हैं और पूरे मामले की जांच जारी है. पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है."

