अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार: ईरान में हाई अलर्ट, भव्य तैयारियां

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए भव्य तैयारियां। 2 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद। सेना हाई अलर्ट पर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम।

 
तेहरान सुरक्षा व्यवस्था

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम जनाजे को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं. इससे जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत 4 जुलाई को होगी, वहीं 8 जुलाई को उन्हें मशहद में दफनाया जाएगा. अंदेशा है कि उनके अंतिम जनाजे के कार्यक्रमों में 2 करोड़ से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं. लेकिव सवाल यह है क्या मुज्तबा खामेनेई भी अपने पिता को मिट्टी देने पहुंचेगे.

अमेरिकी हमले में अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने और खुद के घायल होने के बाद मुज्तबा सार्वजनिक रूप से पूरे ईरान में कहीं दिखाई नहीं दिए. लेकिन माना जा रहा है अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में वह शामिल हो सकते हैं. इसके पीछे का आधार खामेनेई के जनाजे की युद्ध जैसी तैयारी और तीनों सेनाओं के के फुल अलर्ट पर रहने के आदेश को माना जा रहा है.

भव्य होगा खामेनेई का अंतिम जनाजे का कार्यक्रम

ईरान सेना की तरफ खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान हवाई क्षेत्र की सुरक्षा कड़ा करने का ऐलान किया गया है. खामेनई के अंतिम संस्कार के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तेहरान और उसके आसपास 4 अस्थायी शिविरें बनाई गई हैं.ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने बताया कि अंतिम संस्कार समारोह को सम्मानजनक और भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा.

जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने आगे कहा कि ‘अपने शहीद नेता को जनता तो विदाई देगी ही साथ में सेना की तरफ से भी सेवा का काम जारी रहेगा, सेना राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने, सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने और इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए व्यवस्था करने का काम करेगी’

हाई अलर्ट मोड पर तीनों सेनाएं

अकरमिनिया ने ईरान की जमीनी और हवाई सीमाओं पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों की भी घोषणा की. सेना की जमीनी टुकड़ियों की नजर देश की सीमा-सुरक्षा पर रहेगी. वहीं, वायुसेना आसमान से आने वाले खतरे पर नजर रखेगी. वायु सेना राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ, वे समारोहों से जुड़ी यात्राओं और विदेशी उड़ानों के बढ़ने के दौरान हवाई यातायात के प्रबंधन का भी काम करेगी.

सेना ने तीर्थयात्रियों के लिए बनाएं 4 कैंप

अकरमिनिया ने बताया कि सेना ने तीर्थयात्रियों और कार्यक्रम में शामिल होने वालों को रहने, खाने-पीने और चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तेहरान और उसके आसपास चार अस्थायी कैंप बनाए हैं. आपातकालीन राहत और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सेना की हेलीकॉप्टर यूनिट और एविएशन रेस्क्यू टीमें को भी हाई ट्रैफिक एरिया में तैनात रहने को कहा गया है.

तीर्थयात्रियों के लिए मेडिकल सुविधाओं की भी व्यवस्था

जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा कि सेना की तरफ से मोबाइल अस्पताल का भी इस्तेमाल किया जाएगा. इसके लिए सेना युद्ध में हासिल किए गए अनुभवों को इस्तेमाल करेगी. सेना ने तेहरान के मोसल्ला और तीर्थयात्रा के रास्तों पर मेडिकल टीमें तैनात करने का फैसला लिया है, ताकि लोगों जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकें.

उन्होंने यह भी कहा कि सेना की लॉजिस्टिकल यूनिट और सपोर्ट सेंटर परिवहन, आपूर्ति की जरूरतों, लोगों की सेवाओं और उनके रहने की व्यवस्था करने में मदद करेगी. साथ ही, लॉजिस्टिग यूनिट्स धार्मिक सेवा केंद्रों और तीर्थयात्री केंद्रों को जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने का काम करेगी.