Donald Trump vs US Senate: ईरान युद्ध पर ट्रंप की शक्तियों पर लगाम, केंटुकी से मिली राहत

अमेरिकी सीनेट ने ईरान के खिलाफ ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव पास किया। जानें कैसे केंटुकी के नतीजों ने ट्रंप को दी बड़ी सियासी राहत।

 
US Military Action Iran Approval

ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी राजनीति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक ही समय में राजनीतिक झटका और राजनीतिक राहत दोनों देखने को मिले हैं. एक तरफ अमेरिकी सीनेट में युद्ध अधिकारों को लेकर ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ा है, तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राज्य केंटुकी (Kentucky) की राजनीति से ट्रंप को बड़ा सियासी संदेश मिला है कि रिपब्लिकन वोटर अभी भी उनके साथ खड़े हैं.

अमेरिकी सीनेट ने मंगलवार(19 मई) को 50-47 के बहुमत से वॉर पावर्स रिजॉल्यूशन को आगे बढ़ा दिया. इस प्रस्ताव का मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करना है ताकि कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान के खिलाफ लंबे समय तक सैन्य कार्रवाई जारी न रखी जा सके.

4 रिपब्लिकन सांसदों ने किया डेमोक्रेट्स का समर्थन

इस वोटिंग में चार रिपब्लिकन सांसदों ने पार्टी लाइन से हटकर डेमोक्रेट्स का समर्थन किया. इसके कारण ट्रंप प्रशासन को राजनीतिक झटका लगा. हालांकि यह अभी अंतिम कानून नहीं बना है. इसे सीनेट में अंतिम मंजूरी, फिर रिपब्लिकन बहुमत वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से पारित होना होगा. इसके बाद भी राष्ट्रपति ट्रंप के पास वीटो का विकल्प मौजूद रहेगा.

क्या होगा ट्रंप प्रशासन का अगला कदम

ट्रंप प्रशासन के सामने एक और रास्ता यह भी हो सकता है कि सैन्य अभियान की कानूनी व्याख्या बदलने की कोशिश की जाए. अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने पहले भी कुछ सैन्य अभियानों को सीमित सैन्य कार्रवाई, रक्षा अभियान या श्रेणी में रखकर कानूनी समय सीमा और कांग्रेस के दबाव को संभालने की कोशिश की है. हालांकि नया नाम देकर किसी सैन्य अभियान को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई जाती है या नहीं, यह ट्रंप प्रशासन के अगले कदम पर निर्भर करेगा.

केंटुकी से ट्रंप के लिए राहत की खबर

इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राहत की खबर केंटुकी से आई. ट्रंप और इजराइल समर्थक समूहों ने रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला था. थॉमस मैसी ईरान युद्ध, इजराइल नीति और कुछ संवेदनशील घरेलू मुद्दों पर ट्रंप से अलग लाइन लेते रहे थे.

केंटुकी में ट्रंप समर्थित उम्मीदवार की जीत को रिपब्लिकन राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है. इससे यह संदेश गया है कि रिपब्लिकन वोटर आधार अभी भी ट्रंप के साथ मजबूती से खड़ा है और पार्टी के भीतर ट्रंप की पकड़ बरकरार है.