Imran Khan Adiala Jail News: 'धीमा जहर देने की रिपोर्ट और अमेरिकी दबाव', जानें क्यों सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को दी अस्पताल शिफ्ट करने की इजाजत

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पीएम इमरान खान को इलाज के लिए निजी अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश दिया है। जानें इस फैसले के पीछे व्हाइट हाउस और आरिफ अल्वी की भूमिका।
 
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पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ी राहत मिली है. एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है. वहीं दूसरी तरफ 9 महीने बाद इमरान जेल में अपने परिजनों से मिल पाए हैं. हालांकि, पाकिस्तान की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का विरोध किया है. पाकिस्तान के कानून मंत्री के मुताबिक यह फैसला कानूनन सही नहीं है. हम इसे चुनौती देंगे.

सरकार के अलावा एक और शख्स इस फैसले से परेशान है. वो शख्स सेना प्रमुख आसिम मुनीर है. मुनीर को इमरान का दुश्मन नंबर वन माना जाता है. इमरान ने कई मौकों पर जेल से मुनीर के खिलाफ खुला मोर्चा खोला है. इमरान खान ने यहां तक कह दिया था कि मुझे अगर कुछ होता है तो इसके लिए मुनीर जिम्मेदार होंगे.

जून 2026 में इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री को सेना और सरकार जेल में जहर देकर मारने की तैयारी कर रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि मुनीर और सरकार के विरोध में जाकर पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को क्यों राहत दी है?

क्या व्हाइट हाउस से कोई आदेश आया?

पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार आरिफ हमीद भट्टी का कहना है कि इमरान को अमेरिका की वजह से पाकिस्तान में राहत मिली है. भट्टी के मुताबिक इमरान के दोनों बेटे लगातार व्हाइट हाउस के संपर्क में थे. दोनों बेटों ने व्हाइट हाउस को पाकिस्तान की असलियत बताई.

इसके बाद व्हाइट हाउस ने पाकिस्तान से संपर्क साधा. व्हाइट हाउस ने सीधे मुनीर को यह आदेश दिया कि इमरान के साथ कोई अमानवीय घटना न हो. व्हाइट हाउस के इस आदेश ने मुनीर को सकते में ला दिया. न चाहते हुए भी उन्हें इमरान खान को लेकर अपना मन बदलना पड़ा.

आरिफ अल्वी ने निभाई अहम भूमिका

रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने इसमें अहम भूमिका निभाई. उन्होंने आडियाला जेल की रिपोर्ट पहले इमरान खान के बेटों तक पहुंचाई और फिर उस रिपोर्ट को पीटीआई के बड़े अधिकारियों को भेजा गया. अल्वी की रिपोर्ट में कहा गया था कि इमरान खान को धीमा जहर दिया जा रहा है.

इसके बाद इमरान खान के दोनों बेटे सक्रिय हो गए. लगातार वे ब्रिटेन की अखबारों में इंटरव्यू दे रहे थे. गार्जियन, फाइनेंशियल टाइम्स जैसे अखबारों ने इमरान खान को लेकर खूब लेख लिखा.