Pakistan Capital News: इस्लामाबाद को नए सिरे से विकसित करने की कवायद तेज, वाशिंगटन और दिल्ली मॉडल पर हुई चर्चा

पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार इस्लामाबाद को नए सिरे से विकसित करेगी। दिल्ली की तर्ज पर विधानसभा बनाने की तैयारी।
 
Islamabad assembly model

पाकिस्तान ने अपनी राजधानी इस्लामाबाद को नए सिरे से विकसित करने की कवायद शुरू कर दी है. सोमवार (7 सितंबर) को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तान शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसको लेकर बैठक की. बैठक में यह प्लान तैयार किया गया कि कैसे इस्लामाबाद का कायाकल्प हो?

जियो टीवी के मुताबिक प्रधानमंत्री और अधिकारियों ने बैठक में इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी गवर्नमेंट (ICTG) के संबंध में सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए 13 अंतरराष्ट्रीय राजधानियों और उनकी संबंधित शासन संरचनाओं की समीक्षा की.

जिन 13 राजधानियों की शासन-व्यवस्था की समीक्षा की गई, उनमें नई दिल्ली, वाशिंगटन, बर्लिन, सिंगापुर, ओटावा, टोक्यो, पेरिस प्रमुख हैं. वाशिंगटन जैसी व्यवस्था को लेकर मीटिंग में चर्चा हुई, लेकिन संसद के दखल को देखते हुए इसे लागू नहीं करने का फैसला किया गया. सरकार ऐसी व्यवस्था चाहती थी, जिसमें सीधे मंत्रिमंडल का दखल हो.

बैठक के बाद में सरकारी सूत्रों से यह खबर आई कि दिल्ली की तर्ज पर इस्लामाबाद में एक विधानसभा की व्यवस्था की जा सकती है, जहां पर विधायक लोकल डेवलपमेंट के लिए नीति तैयार करेंगे.

इस्लामाबाद को संघीय इकाई बनाने की तैयारी क्यों?

इस्लामाबाद पाकिस्तान की राजधानी है, लेकिन विकास के मामले में काफी पिछड़ा है. स्थानीय स्तर पर इस्लामाबाद के पास विकास की कोई ठोस योजना नहीं है. हाल ही में सरकार ने छोटे-छोटे राज्य और प्रशासनिक इकाइयां बनाने का फैसला किया है, ताकि विकास की योजनाओं को आसानी से लागू किया जा सके.

पाकिस्तान की सरकार का कहना है कि नए सिरे से इस्लामाबाद को विकसित करने के लिए इस साल 2 अरब रुपए (पाकिस्तानी) का बजट प्रावधान किया गया है. मास्टर प्लान के तहत इस्लामाबाद शहर को विस्तार करके उसे नए सेक्टर और कॉलोनियों में बांटा जाएगा.

1960 में इस्लामाबाद को पाकिस्तान की राजधानी घोषित किया गया था. इससे पहले कराची को यह दर्जा प्राप्त था. इस्लामाबाद पाकिस्तान के मध्य-उत्तरी क्षेत्र में स्थित है.