Japan Earthquake News: जापान के क्यूशू में 7.1 तीव्रता का भीषण भूकंप, कुमामोतो क्षेत्र में सुनामी का अलर्ट जारी

जापान के क्यूशू द्वीप पर 7.1 तीव्रता का तेज भूकंप आया है। कुमामोतो समेत कई प्रांतों में आपातकालीन अलर्ट और सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। जानिए पूरी रिपोर्ट।

 
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जापान के क्यूशू द्वीप पर मंगलवार (28 जुलाई) को तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए. जिससे लोगों में दहशत फैल गई. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.1 मापी गई है. यह भूकंप कुमामोतो क्षेत्र में आया था. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक भूकंप का केंद्र समुद्र तल से 10 किलोमीटर नीचे था. इसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई.

भूकंप कुमामोटो के पश्चिमी इलाके में आया, जो जापान की राजधानी टोक्यो से करीब 900 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है. भूकंप के बाद, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी है. JMA के अनुसार समुद्र में 1 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. उनसे कहा गया है कि समुद्र से दूर रहें. लोगों से आग्रह किया गया है कि वो ऊंचे स्थानों पर चले जाएं और आधिकारिक निकासी निर्देशों का पालन करें. अमेरिकी पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने कहा कि स्थानीय तटों से आगे सुनामी का कोई खतरा नहीं है.

इन जगहों पर अलर्ट जारी

सरकार ने कुमामोतो के साथ ही नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी प्रान्तों में भी आपातकालीन भूकंप चेतावनी जारी की है. ये सभी इलाके क्यूशू द्वीप पर स्थित हैं. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है. फिलहाल इस भूकंप से किसी तरह के जान माल के नुकसान होने की खबर नहीं है. जापानी समाचार चैनल एनएचके ने बताया कि भूकंप से लगभग एक मिनट तक धरती कांपी.

25 जून को भी आया था भूकंप

इससे पहले 25 जून को उत्तरी जापान में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया था लेकिन इससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था. जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों में से एक है. ये उन देशों में से एक है जहां सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं. जापान में हर पांच मिनट में कम से कम एक भूकंप आता है. प्रशांत महासागर को आंशिक रूप से घेरने वाले ज्वालामुखियों और समुद्री खाइयों के रिंग ऑफ फायर पर स्थित होने के कारण, जापान में दुनिया भर में आने वाले 6.0 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंपों का लगभग 20% हिस्सा होता है.