Islamabad March Security: पाकिस्तान में 50,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और 1500 कंटेनर तैनात, इमरान खान की पार्टी पर सरकार सख्त

पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर रूल लगाने पर विचार कर रही है। पीटीआई के 4 अक्टूबर के मार्च से पहले भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

 
PTI Islamabad march security

पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार और इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पीटीआई ने 4 अक्टूबर से इस्लामाबाद मार्च का ऐलान किया है. इसी बीच केंद्र सरकार ख़ैबर पख्तूनख्वा यानी KP में गवर्नर रूल या इमरजेंसी लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस पूरे राजनीतिक और सुरक्षा हालात को लेकर अपने गठबंधन सहयोगियों से बातचीत करने की तैयारी में हैं. सूत्रों के मुताबिक, शहबाज शरीफ राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो-जरदारी से मुलाकात कर सकते हैं.

सरकार की तरफ से खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ते आतंकवाद को इमरजेंसी की संभावित वजह बताया जा रहा है. पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ (PML-N) नेता और मंत्री तारिक फजल चौधरी ने कहा है कि संविधान के आर्टिकल 232 के तहत इमरजेंसी लगाने का विकल्प विचाराधीन है. उन्होंने कहा कि इसका आधार राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रांत में बढ़ती आतंकी घटनाएं हैं.

कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने भी कहा कि हालात की जरूरत होने पर गवर्नर रूल लगाना संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने KP में लगातार लोगों के मारे जाने का हवाला दिया.

PPP से सरकार की बातचीत

इसी मुद्दे पर PML-N और PPP नेताओं के बीच संसद में बैठक हुई. PPP की शेरी रहमान और सैयद नवीद कमर ने सरकार के नेताओं से मुलाकात की और KP के हालात पर चर्चा की. PPP नेता नय्यर बुखारी ने कहा कि अगर पार्टी से गवर्नर रूल पर राय मांगी जाती है तो वह संविधान और कानून के दायरे में अपनी सिफारिश देगी.

उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई प्रांतीय सरकार अपनी संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां पूरी करने में नाकाम रहती है, तो संविधान में उसके लिए रास्ता मौजूद है.

PTI के 4 अक्टूबर के मार्च से पहले बढ़ा तनाव

PTI ने 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद मार्च की घोषणा की है. सरकार को आशंका है कि इस प्रदर्शन से राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है. इस पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस्लामाबाद और उसके आसपास PTI के 4 अक्टूबर के मार्च को देखते हुए 22,000 से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की तैयारी की है. यह संख्या खासतौर से इस्लामाबाद के लिए है और जवानों की निगरानी 8 DIG, 10 SSP, 40 SP और 58 DSP के तहत होगी.

इसके अलावा अटक जिले में करीब 30,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने के लिए बुलाया गया है. अटक KP और पंजाब के बीच प्रमुख कनेक्टिंग पॉइंट है, इसलिए यहां सुरक्षा बढ़ाई गई है. कुल मिलाकर 50,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती हुई है. इसके साथ 1,500 से ज्यादा कंटेनर लगाकर सड़कों और प्रवेश मार्गों को बंद करने की व्यवस्था भी की गई है.

वहीं, PTI ने चेतावनी दी है कि अगर खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर रूल लगाया गया तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम होंगे. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ विपक्षी नेता महमूद खान अचकजई से भी बातचीत कर सकते हैं. इसका मकसद राजनीतिक टकराव को कम करना और राष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत का रास्ता निकालना बताया जा रहा है.

PPP ने बातचीत पर दिया जोर

PPP नेता नय्यर बुखारी ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा राजनीतिक बातचीत और संवाद के पक्ष में रही है. उनके मुताबिक राष्ट्रीय मुद्दों का समाधान बातचीत से निकाला जाना चाहिए, टकराव से नहीं.

उन्होंने KP की सुरक्षा स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया और आरोप लगाया कि PTI की प्राथमिकता सार्वजनिक समस्याओं के बजाय एक व्यक्ति की रिहाई पर केंद्रित दिखाई देती है.

पाकिस्तान में अब दो मोर्चों पर दबाव

फिलहाल शहबाज शरीफ सरकार के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं एक तरफ खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और दूसरी तरफ PTI का प्रस्तावित इस्लामाबाद मार्च.

इसी के बीच सरकार अपने गठबंधन सहयोगियों से बातचीत कर रही है और KP में इमरजेंसी या गवर्नर रूल के विकल्प पर विचार कर रही है. हालांकि, अंतिम फैसला क्या होगा, यह अभी साफ नहीं है.