मनीला में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक, हिंद-प्रशांत पर जोर

मनीला में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की क्वाड बैठक संपन्न। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आसियान की एकता पर जोर।

 
हिंद-प्रशांत क्षेत्र क्वाड रणनीति

फिलीपींस की राजधानी मनीला में बुधवार (22 जुलाई) को क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई. इस दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया. बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में चारों देशों ने आसियान (ASEAN) की एकता और उसकी केंद्रीय भूमिका के प्रति अपने अटूट समर्थन को दोहराया.

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि चारों देश आसियान के व्यापक रणनीतिक साझेदार (Comprehensive Strategic Partners) होने के नाते क्षेत्र की स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

हिंद-प्रशांत क्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा

क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सामने मौजूद चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई. विदेश मंत्रियों ने आसियान आउटलुक ऑन द इंडो-पैसिफिक (AOIP) के व्यावहारिक क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. इसके तहत समुद्री और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से जुड़ी सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि एवं आर्थिक सुरक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया गया.

सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

संयुक्त बयान में कहा गया कि हिंद-प्रशांत के समुद्री क्षेत्र में शांति और स्थिरता पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला है. इसी सोच के साथ क्वाड देश क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करने तथा आसियान के साथ मिलकर व्यावहारिक पहल को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. चारों देशों के बीच मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति शृंखलाओं की मजबूती, उभरती तकनीकों और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक चुनौतियों को लेकर सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. क्वाड देशों ने संकेत दिया कि इन साझा प्राथमिकताओं पर आसियान के साथ समन्वय भविष्य में और गहरा किया जाएगा.