Madrid Tenant Protest: मारिया डेल कारमेन के समर्थन में उतरे लोग, महंगे किराए के खिलाफ स्पेन में बड़ा प्रदर्शन

स्पेन में बढ़ते किराए और हाउसिंग संकट के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। 87 साल की बुजुर्ग महिला को घर से निकाले जाने का मामला तूल पकड़ रहा है।

 
Spain cost of living protests

स्पेन में इन दिनों लगातार बढ़ती महंगाई और आसमान छूते किराए ने आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन हाल ही में एक 87 साल की बुजुर्ग महिला के साथ हुई अमानवीय घटना ने इस आक्रोश को एक बड़े देशव्यापी आंदोलन में बदल दिया है। मैड्रिड में रहने वाली मारिया डेल कारमेन अबास्कल, जिन्हें लोग प्यार से 'मैरिकारमेन' कह रहे हैं, पिछले करीब 70 सालों से एक ही घर में रह रही थीं। बीते 23 सितंबर को उन्हें जबरन घर से बेदखल कर दिया गया, जिसके बाद स्ट्रेचर पर उनकी लाई जाने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया और मीडिया पर वायरल होते ही पूरे देश में भारी नाराजगी फैल गई।

📈 पिछले 10 साल में दोगुना हो चुका है औसत किराया: किराए पर रहने वाले 26% लोग अपनी कमाई का 40% हिस्सा बिलों पर कर रहे हैं खर्च

यह मामला सिर्फ एक बुजुर्ग महिला के घर से निकाले जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्पेन के एक बहुत बड़े हाउसिंग संकट को उजागर करता है। देश में घर खरीदना और किराए पर लेना आम आदमी की पहुँच से बाहर होता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जहाँ 2016 में औसत किराया करीब 8.20 यूरो प्रति वर्ग मीटर था, वहीं 2026 में यह बढ़कर लगभग 15.10 यूरो प्रति वर्ग मीटर हो गया है। लगभग 26 फीसदी लोग अपनी आय का 40% हिस्सा केवल किराए और बिलों में खर्च कर रहे हैं, जिससे युवाओं और कम आय वाले परिवारों पर सबसे ज्यादा दबाव है।

🤝 मकान मालिक कंपनी से समझौते के बाद मैरिकारमेन को मिली राहत, पुएर्ता डेल सोल में लगातार जारी है प्रदर्शन

घटना के तूल पकड़ने और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद मैरिकारमेन को आखिरकार राहत मिल गई। उनके वकीलों के अनुसार, मकान मालिक कंपनी के साथ समझौता हो गया है जिसके तहत उनका किराया उनकी आय के 30% यानी लगभग 500 यूरो प्रति महीने तक सीमित रहेगा और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह अपने पुराने घर लौट सकेंगी। हालांकि, इसके बावजूद मैड्रिड के पुएर्ता डेल सोल और बार्सिलोना में प्रदर्शनकारी लगातार डेरा डाले हुए हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक सरकार किरायेदारों की सुरक्षा के लिए ठोस नियम और किफायती घरों का इंतजाम नहीं करती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।