Missiles Sale To Ukraine 2.1 Billion Dollars: अमेरिका ने यूक्रेन को दी 500 पैट्रियट PAC-3 मिसाइलों की मंजूरी; 2.1 अरब डॉलर का है रक्षा सौदा
अमेरिका ने युद्धग्रस्त देश यूक्रेन को 500 पैट्रियट PAC-3 मिसाइलें बेचने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस रक्षा सौदे की कुल कीमत करीब 2.1 अरब डॉलर (लगभग 19,133 करोड़ रुपये) है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यूक्रेन को रक्षात्मक हथियार उपलब्ध कराने की दिशा में इसे एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।
हालांकि, आधिकारिक मंजूरी मिलने के बावजूद यूक्रेन को ये अत्याधुनिक मिसाइलें तुरंत नहीं मिल सकेंगी। रक्षा विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, हथियारों की बिक्री के बाद उनके निर्माण और सप्लाई में आमतौर पर कई साल का समय लग जाता है। वर्तमान स्थिति यह है कि इन मिसाइलों का निर्माण अभी शुरू भी नहीं हुआ है, जिसके चलते यूक्रेन को इनकी वास्तविक सप्लाई 2030 के शुरुआती वर्षों में ही मिल पाएगी।
⚡ मिसाइलों की डिलीवरी में देरी से बढ़ा तनाव; जेलेंस्की और ट्रंप के बीच असहमति
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रूस के हमले और यूक्रेन की मांग: मिसाइलों की सप्लाई में हो रही लंबी देरी की वजह से अमेरिका और यूक्रेन के बीच तनातनी बढ़ गई है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में चिंता जताते हुए कहा था कि रूस लगातार यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों और नागरिक बस्तियों पर हमले तेज कर रहा है, ऐसे में देश को इन रक्षा प्रणालियों की अति आवश्यकता है।
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ट्रंप की प्रतिक्रिया: इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ डीजल डील और जेलेंस्की के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर, यूक्रेन का रक्षा मंत्रालय पेंटागन से यह मांग कर रहा है कि मौजूदा अमेरिकी सैन्य भंडार से कुछ मिसाइलें तुरंत मुहैया कराई जाएं और बाद में नए हथियार बनाकर उस भंडार को पूरा कर लिया जाए।
💶 कनाडा, जर्मनी, नॉर्वे और यूरोपीय संघ करेंगे सौदे की फंडिंग
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस भारी-भरकम रक्षा सौदे का वित्तीय खर्च सीधे तौर पर यूक्रेन नहीं उठाएगा, बल्कि इसके लिए अन्य देश मदद करेंगे:
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सहयोगी देशों का सहयोग: इस सौदे के लिए कनाडा, जर्मनी और नॉर्वे वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ के यूक्रेन सपोर्ट लोन से मिलने वाले फंड का भी उपयोग किया जाएगा।
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JUMPSTART कार्यक्रम: यह सारा पैसा अमेरिका के US JUMPSTART कार्यक्रम के माध्यम से खर्च किया जाएगा। पेंटागन के नियमों के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत सहयोगी देश यूक्रेन को हथियार, सैन्य सेवाएं और ट्रेनिंग दिलाने के लिए फंड देते हैं। इसी कार्यक्रम के तहत अगस्त महीने में भी बड़ी मात्रा में क्रूज मिसाइलें खरीदी गई थीं।
🏭 लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) करेगी निर्माण; उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी
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प्रमुख निर्माता कंपनी: इस महत्वपूर्ण रक्षा सौदे के तहत पैट्रियट मिसाइलों के निर्माण की मुख्य जिम्मेदारी अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन को सौंपी गई है।
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उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य: अमेरिका द्वारा सहयोगी देशों को बड़े पैमाने पर हथियार देने और अपने अभियानों में उपयोग करने के कारण सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइलों की मांग काफी बढ़ गई है। इसे देखते हुए अमेरिकी सेना ने लॉकहीड मार्टिन के साथ बड़े अनुबंध किए हैं, जिसके तहत 2030 के अंत तक PAC-3 MSE मिसाइलों के उत्पादन को तीन गुना करने की योजना है।
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बढ़ती क्षमता: कंपनी अपने प्लांट्स में कर्मचारियों की संख्या तेजी से बढ़ा रही है और भविष्य में सालाना 2,000 पैट्रियट PAC-3 मिसाइलें बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि रक्षा जरूरतों को समय पर पूरा किया जा सके।