हिसार के अर्नव गांधी ने JEE Advanced में गाड़े झंडे; AIR-36 हासिल कर बढ़ाया मान
JEE Advanced 2026: हिसार के अर्नव गांधी ने हासिल की AIR-36। JEE Main में भी रहे थे AIR-22। जानें उनकी सफलता का मंत्र और 6-8 घंटे की पढ़ाई का शेड्यूल।
हिसार: हिसार के अर्बन एस्टेट निवासी अर्नव गांधी ने JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक 36 हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है. इससे पहले अर्नव ने JEE Main 2026 में AIR-22 हासिल कर प्रदेश के शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं में जगह बनाई थी. उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षकों और परिचितों में खुशी का माहौल है. परिवार ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया.
उपलब्धियों से भरा रहा सफर: अर्नव की शैक्षणिक यात्रा लगातार उपलब्धियों से भरी रही है. उन्होंने क्लास 10 में IOQM क्वालीफाई किया. क्लास 11 में IOQM और RMO में सफलता हासिल की, जबकि क्लास 12 में NSEP, NSEC और IOQM जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में भी क्वालीफाई किया. उनकी उपलब्धियां उनकी मजबूत शैक्षणिक नींव और निरंतर मेहनत को दर्शाती हैं.
ऐसे की तैयारी: अर्नव ने तैयारी के दौरान प्रतिदिन छह से आठ घंटे का नियमित पढ़ाई की. साथ ही मॉक टेस्ट के जरिए गलतियों को सुधारने पर भी ध्यान दिया. अर्नव कहते हैं कि, "हर टेस्ट ने मुझे कुछ नया सिखाया. गलतियों को लेकर परेशान होने के बजाय मैंने उन्हें समझने और सुधारने की कोशिश की. इसी दृष्टिकोण ने मुझे पूरी तैयारी के दौरान सकारात्मक बनाए रखा."
पिता का सपना हुआ साकार: अर्नव के पिता और चिकित्सक डॉ. प्रेम दीप गांधी ने बताया कि, "मेरा बेटा शुरू से ही मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहा है. हमारा सपना था कि अर्नव किसी प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश हासिल करे. उसने अपनी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है. हम उसकी सफलता पर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं. अर्नव ने दसवीं तक की पढ़ाई हिसार में की, जिसके बाद उसका प्रवेश पंचकूला के भवन विद्यालय में हुआ."
मां बोलीं- "बेटे ने बढ़ाया परिवार का सम्मान": वहीं, अर्नव की मां डॉ. शिखा गांधी ने बेटे की उपलब्धि को भावुक कर देने वाला क्षण बताया. उन्होंने कहा कि, "मेरे बेटे ने मेरा सपना पूरा कर दिया है. उसने कभी हमें निराश नहीं किया और हमेशा जिम्मेदारी के साथ पढ़ाई की. यह हमारे परिवार के लिए गर्व का क्षण है. पढ़ाई के साथ-साथ अर्नव क्रिकेट, टेनिस और स्विमिंग जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय रहा.आजकल बच्चों का ध्यान मोबाइल की ओर अधिक रहता है. माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों में पढ़ाई की आदत विकसित करें और उन्हें अनावश्यक रूप से फोन न दें. परिवार ने हमेशा अर्नव को सकारात्मक माहौल और पूरा सहयोग प्रदान किया."
दादा बोले- "बचपन से था होनहार":इसके अलावा अर्नव के दादा एच.आर. गांधी ने कहा कि, "मेरा पोता बचपन से ही पढ़ाई में तेज था. अर्नव ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष और मेहनत की है. उसने शुरुआती कक्षाओं से लेकर दसवीं तक लगातार अच्छे अंक हासिल किए और हमेशा बेहतर प्रदर्शन किया."
बता दें कि JEE Main में AIR-22 और JEE Advanced में AIR-36 हासिल कर अर्नव गांधी ने साबित कर दिया है कि सही दिशा, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. उनकी सफलता हजारों प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है.

