Teacher Training News: बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजेगी सरकार, जल्द तय होंगे चयन के मानक

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बिहार सरकार राज्य के चुनिंदा शिक्षकों को अध्ययन के लिए विदेश भेजेगी। छठ महापर्व के बाद चयन प्रक्रिया और मानक तय किए जाएंगे।

 
Bihar teacher training abroad news 2026

शिक्षा के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तौर-तरीकों को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राज्य के चुनिंदा और बेहतरीन शिक्षकों को अध्ययन के लिए विदेश भेजा जाएगा, ताकि वे वहां की उन्नत शिक्षण प्रणालियों का बारीकी से अध्ययन कर सकें। शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य विदेशों में पढ़ाई के आधुनिक मॉडलों, तौर-तरीकों और तकनीकों को समझकर उन्हें बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी ढंग से लागू करना है। इस योजना के धरातल पर उतरने से राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी वैश्विक स्तर की शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।

📋 छठ के बाद तय होंगे चयन के मानक और देश: योग्यता और कार्यकुशलता के आधार पर करना होगा आवेदन

इस पूरी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष मानक तय करने का निर्णय लिया है। आगामी छठ महापर्व के तुरंत बाद इन मानकों के प्रारूप पर काम तेजी से शुरू किया जाएगा। इसी दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि चयनित शिक्षकों को अध्ययन के लिए किन-किन देशों में भेजा जाएगा। शिक्षकों का चयन पूरी तरह योग्यता, शैक्षणिक दक्षता, विद्यालय में सक्रियता और रचनात्मक सहभागिता के आधार पर होगा, जिसके लिए अंकों का एक पैमाना तैयार किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से योग्य शिक्षकों के आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।

🏫 विदेशों में स्कूलों की कार्यसंस्कृति सीखेंगे शिक्षक: लौटकर विभाग को सौंपनी होगी विस्तृत रिपोर्ट

विदेश जाने वाली शिक्षकों की विशेष टीम वहां के स्कूलों की कार्यसंस्कृति, कक्षा की तकनीकों, सह-गतिविधियों के संचालन, गृह कार्य के मूल्यांकन और शिक्षक-अभिभावक आपसी सामंजस्य के हर एक पहलू का बारीकी से अध्ययन करेगी। विदेश यात्रा से लौटने के बाद इन शिक्षकों को एक विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा विभाग के मुख्यालय में जमा करनी होगी। संबंधित अधिकारियों द्वारा इसकी समीक्षा की जाएगी ताकि उन बेहतरीन तौर-तरीकों और पद्धतियों को बिहार की शिक्षा प्रणाली में भी अपनाया जा सके।