Bihar Teacher Vacancy News: बीपीएससी टीआरई 4 में म्यूजिक टीचर के 111 पद जुड़े, रिवाइज्ड विज्ञापन और परीक्षा नियमों पर बड़ा अपडेट

बिहार लोक सेवा आयोग ने टीआरई 4 शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ा दी है। अब कुल 33,385 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
 
Bihar BSSC exam calendar

बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने TRE 4 भर्ती में एक बार फिर पदों की संख्या बढ़ा दी है. अब इस भर्ती के तहत कुल 33,385 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. नई बढ़ोतरी में कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए म्यूजिक टीचर के 111 पद शामिल किए गए हैं. शुरुआत में 32,388 पदों पर भर्ती की घोषणा हुई थी. इसके बाद 24 अगस्त को 886 पद बढ़ाए गए और अब 111 और पद जुड़ गए हैं. इस तरह शुरुआती संख्या के मुकाबले कुल 997 पद बढ़ चुके हैं.

म्यूजिक टीचर के 111 पद जुड़े

BPSC ने TRE 4 की शुरुआती वैकेंसी 18 अगस्त को जारी की थी. उस समय 32,388 पद घोषित किए गए थे. बाद में अलग-अलग विषयों में रिक्त पद शामिल किए गए. 24 अगस्त को बांग्ला, ललित कला, नृत्य, मैथिली, अरबी, फारसी, विशेष विद्यालय, पाली, प्राकृत, भोजपुरी, मगही और कृषि जैसे विषयों के 886 पद जोड़े गए थे. इसके बाद कुल वैकेंसी 33,274 हो गई थी. अब 111 नए पद जुड़ने से यह संख्या 33,385 पहुंच गई है.

रिवाइज्ड विज्ञापन जल्द, नियमों में भी बदलाव

आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों और सरकार के बीच कई मांगों पर सहमति बनने के बाद TRE 4 का रिवाइज्ड विज्ञापन जल्द जारी किया जा सकता है. पहले आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होकर 29 सितंबर तक चलनी थी. हालांकि, परीक्षा के नियमों में बदलाव होने के कारण रिवाइज्ड विज्ञापन में नई जानकारी दी जाएगी.

सरकार ने एकल परीक्षा कराने पर सहमति जताई है. साथ ही निगेटिव मार्किंग हटाने और सिलेबस में बदलाव की बात भी सामने आई है. इससे अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है. बीएड और अन्य शिक्षक प्रशिक्षण सिलेबस के स्टूडेंट्स को भी TRE 4 में शामिल करने की मांग की गई है. अगर यह मांग मंजूर होती है तो आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाई जा सकती है.

BSSC परीक्षा कैलेंडर भी जल्द

बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) का परीक्षा कैलेंडर भी जल्द जारी होने की उम्मीद है. राज्य में कई भर्ती परीक्षाएं लंबे समय से लंबित हैं. बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इन परीक्षाओं की तारीखों का इंतजार कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि परीक्षा में देरी से उनकी उम्र बढ़ रही है और आर्थिक व मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है.