CBSE 12th Result Row: ऑन-स्क्रीन मार्किंग विवाद पर CBSE का बड़ा बयान; 19 मई से ऐसे करें पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन

CBSE 12th Result 2026: ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद पर सीबीएसई ने तोड़ी चुप्पी। कम नंबर से परेशान छात्र 19 मई से पा सकेंगे आंसर शीट की स्कैन कॉपी, जानें पूरी प्रोसेस।

 
Lowest Passing Percentage CBSE 12th Exam

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई (CBSE) ने कक्षा 12वीं रिजल्ट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) मूल्यांकन सिस्टम को लेकर उठे विवाद पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया है. डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया का बचाव करते हुए सीबीएसई ने कहा कि ओएसएम सिस्टम मार्किंग में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करती है. दरअसल, सीबीएसई का ये स्पष्टीकरण तब आया है, जब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स में अप्रत्याशित रूप से कम अंकों को लेकर चिंता जताई थी. कुछ छात्रों ने तो ये भी दावा किया था कि जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पास होने के बावजूद वो सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में असफल रहे.

सीबीएसई ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम शुरू किया गया है. बोर्ड के अनुसार, डिजिटल जांच प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि छात्रों को चरणबद्ध तरीके से सही अंक दिए जाएं और मूल्यांकन के दौरान मैन्युअल गलतियों की संभावना कम हो जाती है.

दरअसल, इस साल सीबीएसई की कक्षा 12वीं का पासिंग प्रतिशत गिरकर 85.2 फीसदी हो गया है, जो पिछले सात सालों में सबसे कम है. बोर्ड के पास होने के मानदंडों में स्पष्ट रूप से जिक्र किया गया है कि छात्रों को किसी विषय में पास होने के लिए थ्यौरी और प्रैक्टिकल दोनों परीक्षाओं में अलग-अलग कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते हैं.

19 मई से मिलेगी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी

सीबीएसई ने घोषणा की है कि कक्षा 12वीं के रिजल्ट के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया 26 मई से शुरू होगी. जिन छात्रों को लगता है कि उनके अंक अपेक्षा से कम हैं, उन्हें सबसे पहले अपनी मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी के लिए आवेदन करना होगा और फोटोकॉपी की समीक्षा के बाद छात्र आंसर के वैरिफिकेशन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं. मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की हुई कॉपी प्राप्त करने के लिए छात्रों को प्रति सब्जेक्ट 700 रुपये का भुगतान करना होगा. इसके लिए 19 मई से 22 मई के बीच आवेदन किया जा सकता है.

26 मई से शुरू होगी पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया

बोर्ड ने छात्रों को निर्देश दिया है कि वो आधिकारिक समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करें और जरूरी आवेदन शुल्क का भुगतान करें. आंसर के वैरिफिकेशन या पुनर्मूल्यांकन के लिए 26 मई से प्रक्रिया शुरू होगी, जो 29 मई तक चलेगी. आंसर के वैरिफिकेशन के लिए छात्रों को प्रति उत्तर-पुस्तिका 500 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रति सवाल 100 रुपये का भुगतान करना होगा.

सीबीएसई ने ये भी स्पष्ट किया है कि पुनर्मूल्यांकन के दौरान कोई भी गलती पाए जाने पर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी. सीबीएसई के परीक्षा नियमों के मुताबिक, अगर छात्र किसी एक विषय में फेल हो जाते हैं, तो वो अन्य पास होने के मानदंडों को पूरा करने पर संयुक्त परीक्षा के लिए पात्र हो सकते हैं.