GSEB SSC Result 2026: गुजरात बोर्ड 10वीं में 32 साल का रिकॉर्ड टूटा, 83.86% छात्र पास

गुजरात बोर्ड 10वीं का रिजल्ट घोषित। 83.86% के साथ पिछले 32 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ परिणाम। लड़कियों ने मारी बाजी, जानें जिलावार प्रदर्शन और नई सुधार परीक्षा नियम।

 
लड़कियों का रिजल्ट प्रतिशत

गुजरात माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा 10 का रिजल्ट जारी हो गया है. इस वर्ष कुल 83.86 प्रतिशत छात्र सफल रहे जो पिछले 32 वर्षों का सबसे बेहतर रिजल्ट माना जा रहा है. यह आंकड़ा राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों की ओर इशारा करता है. खास बात यह है कि इस बार सुधार परीक्षा जैसी नई व्यवस्था भी लागू की गई है, जिससे छात्रों को दूसरा मौका मिलेगा. कुल मिलाकर यह परिणाम न केवल उपलब्धि दर्शाता है, बल्कि शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव का संकेत भी देता है.

इस साल घोषित कक्षा 10 के नतीजे कई मायनों में खास रहे. कुल 83.86 प्रतिशत रिजल्ट के साथ यह पिछले तीन दशकों में सबसे ऊंचा स्तर है. पिछले साल की तुलना में भी इस बार प्रदर्शन बेहतर हुआ है, जिससे साफ है कि छात्रों की मेहनत और टिचर्स के प्रयास रंग ला रहे हैं. राज्य के 1697 स्कूलों ने 100 प्रतिशत रिजल्ट हासिल किया जो शिक्षा की क्वालिटी को दर्शाता है.

नर्मदा रहा अव्वल

हालांकि, 39 स्कूल ऐसे भी रहे जहां एक भी छात्र पास नहीं हो पाया, जो चिंता का विषय है. जिलों की बात करें तो नर्मदा जिला 90.85 प्रतिशत के साथ आगे रहा, जबकि पंचमहल 76.42 प्रतिशत पर रहा. गांधीनगर के अजोल केंद्र ने 100 प्रतिशत रिजल्ट दिया, वहीं दाहोद के मूनखोसला केंद्र का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा.

छात्रों को मिला दूसरा मौका

इस बार शिक्षा प्रणाली में सुधार परीक्षा की नई व्यवस्था लागू की गई है. इसके तहत अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता तो उसे दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा. फाइनल रिजल्ट दोनों में से बेहतर प्रदर्शन के आधार पर तय होगा. यह कदम छात्रों के लिए काफी राहत भरा माना जा रहा है.

लड़कियों और अंग्रेजी माध्यम का शानदार प्रदर्शन

एजुकेशनल परफॉर्मेंस में भी सुधार देखने को मिला है. इस वर्ष 35,508 छात्रों ने ए1 ग्रेड हासिल किया जो पिछले साल से काफी ज्यादा है. लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारी है उनका रिजल्ट 88.28 प्रतिशत रहा जबकि लड़कों का 80.12 प्रतिशत रहा. माध्यम के आधार पर अंग्रेजी माध्यम के छात्रों का रिजल्ट 92.50 प्रतिशत रहा जबकि गुजराती माध्यम का 82.67 प्रतिशत रहा.

बेसिक मैथ्स बना सबसे कठिन विषय

विषयवार आंकड़ों में बुनियादी मैथ्स सबसे कठिन विषय साबित हुआ जिसमें सबसे ज्यादा छात्र असफल हुए. इसके अलावा साइंस, गुजराती, अंग्रेजी और सोशल साइंस में भी कई छात्र फेल हुए. कुल मिलाकर यह रिजल्ट जहां एक ओर उपलब्धियों को दिखाता है वहीं कुछ विषयों में सुधार की जरूरत भी बताता है.