Rajesh Khullar News: हरियाणा के 10,757 गेस्ट टीचर्स को झटका; राजेश खुल्लर के साथ वार्ता बेनतीजा, पक्का करने से इनकार
हरियाणा में लंबे समय से अपनी सेवाओं के नियमितीकरण (पक्का करने) की मांग कर रहे 10,757 गेस्ट टीचर्स की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सोमवार को गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के बीच हुई उच्चस्तरीय बातचीत पूरी तरह बेनतीजा समाप्त हो गई। चंडीगढ़ स्थित खुल्लर के आधिकारिक आवास पर यह बैठक लगभग 30 मिनट तक चली।
गेस्ट टीचर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रवक्ता अजय लोहान ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट टीचर्स को पक्का करने के पक्ष में फैसला दे चुका है, इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग ने 24 अक्टूबर को स्पीकिंग ऑर्डर (Speaking Order) जारी कर नियमित करने से साफ इनकार कर दिया था। बैठक में खुल्लर ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार जो स्पीकिंग ऑर्डर जारी कर चुकी है, उसे अब वापस नहीं लिया जा सकता। इसके अतिरिक्त सरकार अन्य जो भी संभव सहयोग होगा, वह करने के लिए तैयार है।
🚶♂️ सिरसा से न्याय यात्रा निकालकर चंडीगढ़ पहुंचे थे शिक्षक; अनिल विज के आश्वासन पर हुई थी बैठक
आंदोलन का घटनाक्रम:
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न्याय यात्रा की शुरुआत: अपनी मांगों को लेकर गेस्ट टीचर्स ने 21 अक्टूबर को सिरसा से भव्य 'न्याय यात्रा' का आगाज किया था।
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ज्ञापन सौंपने की योजना: शिक्षकों का कार्यक्रम चंडीगढ़ पहुंचकर राज्यपाल को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने का था।
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अनिल विज का हस्तक्षेप: रास्ते में कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से वार्ता करवाने का ठोस आश्वासन दिया था, जिसके बाद सोमवार को राजेश खुल्लर के साथ एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की यह वार्ता तय हुई थी।
⚖️ 'केस जीतने के बाद भी नियमित नहीं किया' — अजय लोहान ने जताई सख्त नाराजगी
शिक्षकों का पक्ष और दलीलें:
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कोर्ट के फैसले की अनदेखी: अजय लोहान ने कहा कि गेस्ट टीचर्स अदालत में कानूनी लड़ाई जीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार उन्हें नियमित नहीं कर रही है। सरकार को स्पीकिंग ऑर्डर जारी करने के बजाय हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए उसे लागू करना चाहिए था।
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3 साल की नीति के तहत मांग: संघ ने मांग की कि सरकार 3 साल की नीति (3 Years Regularization Policy) के तहत सभी गेस्ट टीचर्स को अविलंब नियमित करे।
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अदालत में चुनौती की सलाह: बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी नियुक्ति से संबंधित तमाम वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत किए, लेकिन नियमितीकरण के मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। अधिकारियों ने शिक्षकों को सुझाव दिया कि वे विभाग के स्पीकिंग ऑर्डर को न्यायालय में चुनौती दे सकते हैं।
📢 जब मामला सरकार के समक्ष विचाराधीन, तो आदेशों की पालना करे विभाग; जल्द बनेगी नई रणनीति
आगामी कदम और रणनीति:
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मोर्चा का स्टैंड: संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों का कहना है कि जब नियमितीकरण का मुद्दा सीधे सरकार के समक्ष विचाराधीन है, तो विभाग को अदालत के आदेशों की पालना सुनिश्चित करनी चाहिए।
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प्रदेशस्तरीय बैठक का निर्णय: बैठक के विफल होने के बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने आपात बैठक कर निर्णय लिया कि जल्द ही प्रदेशभर के सभी जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों की बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सरकार के इस रुख के खिलाफ आगामी उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।