HBSE 10th Maths Paper Out: हरियाणा बोर्ड 10वीं गणित का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल, दादरी के रानीला केंद्र से हुआ आउट; केस दर्ज

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा का गणित का पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया। बोर्ड चेयरमैन ने दादरी के रानीला परीक्षा केंद्र से पेपर आउट होने की पुष्टि की है। हिडन सिक्योरिटी कोड की मदद से आरोपियों को ट्रेस कर केस दर्ज किया गया है। पूरी अपडेट यहाँ पढ़ें।

 
Haryana Board Exam Security
भिवानी : वीरवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का 10वीं का गणित का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसकी पुष्टि करते हुए शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन पवन कुमार ने बताया कि यह पेपर लीक नहीं बल्कि दादरी के गांव रानीला के परीक्षा केंद्र से आऊट हुआ है। पेपर आऊट करने वाले परीक्षार्थियों व पर्यवेक्षकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। प्रश्न पत्र दोपहर 1:56 बजे उनके स्वयं के व्हाट्सएप्प नंबर पर प्राप्त हुआ। इस पर तुरन्त कार्रवाई कर प्रश्न पत्रों पर अल्फा न्यूमेरिक कोड, क्यूआर कोड और हिडन सिक्योरिटी फीचर के माध्यम से ट्रेस आऊट कर पता लगाया गया कि पेपर चरखी दादरी के परीक्षा केन्द्र राकवमावि रानीला-2 के कमरा नंबर 2 व 3 से आऊट किया गया था।

जिलाधीश चरखी दादरी ने बताया कि सभी दोषियों के विरुद्ध केस दर्ज करवाया गया है। इसके अलावा संबंधित स्टाफ के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को लिखकर भेज दिया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया है कि सभी दोषियों को कल निलंबित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वीरवार को 10वीं गणित विषय की परीक्षा में अभी तक प्राप्त रिपोर्ट अनुसार अनुचित साधन के 10 केस दर्ज हुए। इनमें करनाल 1, रोहतक 2, सोनीपत 2, पलवल 1, नूंह 1 एवं चरखी दादरी के 3 केस शामिल हैं।

प्रदेशभर में गणित विषय की परीक्षा में 1372 परीक्षा केन्द्रों पर 2,89,003 परीक्षार्थी एवं डी.एल.एड. प्रथम वर्ष रि-अपीयर की परीक्षा में 980 छात्र-अध्यापक भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष विशेष उड़न दस्ता-2 द्वारा नारनौल के परीक्षा केन्द्र रावमावि कोरियावास पर नियुक्त पर्यवेक्षक अनिल कुमार राप्रापाठशाला कोरियावास को उसी स्कूल का होने के कारण कार्यभार मुक्त कर दिया गया। कंट्रोल रूम भिवानी से संचालित आर.ए.एफ.-14 द्वारा परीक्षा केन्द्र रावमावि बनवासा सोनीपत पर तैनात पर्यवेक्षक राजेश, पी. जी.टी., एम.एस.पी.एस., रिढाना को ड्यूटी में कोताही बरतने के कारण कार्यभार मुक्त किया गया।