AI Security News 2026: आईआईटी दिल्ली का बड़ा कदम: वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए साइबर सिक्योरिटी और AI सिक्योरिटी में 6 महीने का कोर्स शुरू

IIT दिल्ली ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए साइबर सिक्योरिटी और AI सिक्योरिटी में 6 महीने का सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया। शनिवार को होंगी ऑनलाइन क्लास।
 
IIT Delhi CEP Program

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी एक्सपर्ट्स की मांग में भारी उछाल आया है। इसे देखते हुए देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए साइबर सिक्योरिटी और AI सिक्योरिटी में छह महीने का एक विशेष सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है। यह कोर्स संस्थान के कंटिन्यूइंग एजुकेशन प्रोग्राम (CEP) के तहत संचालित किया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि नौकरीपेशा लोग अपनी मौजूदा जॉब के साथ हर शनिवार को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अपनी पढ़ाई आसानी से जारी रख सकेंगे। इस प्रोग्राम के तहत प्रतिभागियों को आधुनिक AI सिस्टम को खतरनाक साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की उन्नत तकनीक सिखाई जाएगी।

🎯 AI सिस्टम की सुरक्षा चुनौतियों पर फोकस; लार्ज लैंग्वेज मॉडल और एजेंटिक AI के खतरे

प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य और पाठ्यक्रम:

  • कौशल विकास: IIT दिल्ली के इस सर्टिफिकेट प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य प्रोफेशनल्स को AI सिस्टम की सुरक्षा से जुड़ी जटिल चुनौतियों और उनसे निपटने के व्यावहारिक तरीकों की गहरी नॉलेज देना है।

  • प्रमुख विषय: इस कोर्स के दौरान एडवर्सरियल मशीन लर्निंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) प्रॉम्प्ट इंजेक्शन, एजेंटिक AI के दुरुपयोग और मॉडल सप्लाई चेन अटैक जैसे अत्याधुनिक विषयों की विस्तृत पढ़ाई कराई जाएगी।

🛡️ एजेंटिक AI पर होने वाले पांच तरह के साइबर हमलों पर खास ट्रेनिंग

विशेष फोकस और साइबर अटैक के प्रकार: कोर्स के दौरान एजेंटिक AI पर मंडराने वाले पांच प्रमुख प्रकार के साइबर हमलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • मल्टीमॉडल जेलब्रेक (Multimodal Jailbreak)

  • मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल (MCP) प्रॉम्प्ट इंजेक्शन

  • मेमोरी पॉइजनिंग (Memory Poisoning)

  • टूल-कॉलिंग एक्सप्लॉइटेशन (Tool-Calling Exploitation)

  • मॉडल हब सप्लाई चेन अटैक (Model Hub Supply Chain Attack)

⏱️ 78 घंटे की ऑनलाइन पढ़ाई, पांच मॉड्यूल और प्रैक्टिकल टूल्स की ट्रेनिंग

कोर्स की संरचना और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग:

  • मॉड्यूल और घंटे: यह छह महीने का संपूर्ण प्रोग्राम कुल 78 घंटे का होगा, जिसे कुल पांच अलग-अलग मॉड्यूल में बांटा गया है। इसमें थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर भी पूरा जोर दिया जाएगा।

  • सिक्योरिटी टूल्स: प्रतिभागियों को PyRIT, Garak, Sigstore, OPA और Falco जैसे आधुनिक सिक्योरिटी टूल्स और फ्रेमवर्क का उपयोग करना सिखाया जाएगा।

  • कैपस्टोन प्रोजेक्ट: कोर्स के अंतिम चरण में सभी प्रतिभागियों को एक अनिवार्य कैपस्टोन प्रोजेक्ट पूरा करना होगा। इसके तहत उन्हें AI सिक्योरिटी से जुड़ा एक प्रोडक्शन-ग्रेड समाधान तैयार करके उसे लागू करना होगा, जिसका मूल्यांकन सीधे IIT दिल्ली के फैकल्टी सदस्यों द्वारा किया जाएगा।

📋 कौन कर सकता है आवेदन? (योग्यता और पात्रता के मानदंड)

पात्रता की शर्तें:

  • लक्षित प्रोफेशनल्स: यह कोर्स साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स, AI और मशीन लर्निंग इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट, DevOps और प्लेटफॉर्म इंजीनियर्स के लिए बेहद उपयोगी है। इसके अलावा गवर्नेंस, रिस्क एंड कंप्लायंस (GRC) से जुड़े पेशेवर भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

  • शैक्षणिक योग्यता: आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, AI, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, गणित (मैथ्स), सांख्यिकी (स्टैटिस्टिक्स) या किसी संबंधित विषय में बैचलर या मास्टर डिग्री होनी अनिवार्य है।

  • न्यूनतम अंक व स्किल: डिग्री परीक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने जरूरी हैं। साथ ही, उम्मीदवार को किसी एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की बुनियादी जानकारी होना भी अनिवार्य है।

💰 कोर्स की फीस और रसीद से जुड़ी जानकारी

शुल्क विवरण:

  • कुल फीस: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस छह महीने के सर्टिफिकेट प्रोग्राम की कोर्स फीस लगभग 1,40,000 रुपये है।

  • जीएसटी (GST): इस फीस पर 18 प्रतिशत GST अलग से देय होगा, जिससे कुल फीस 1,65,200 रुपये हो जाती है।

  • फीस रसीद: इस कोर्स की आधिकारिक फीस रसीद IIT दिल्ली के CEP की ओर से जारी की जाएगी, जिसे छात्र आसानी से CEP पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे।

📜 सफल उम्मीदवारों को प्रदान किया जाएगा डिजिटल ई-सर्टिफिकेट

सर्टिफिकेशन और लाभ:

  • सफल समापन: कोर्स की सभी औपचारिकताओं और मूल्यांकन को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को CEP-IIT दिल्ली की ओर से डिजिटल रूप से वेरिफाइड 'ई-सर्टिफिकेट ऑफ कम्प्लीशन' प्रदान किया जाएगा।

  • करियर लाभ: यह कोर्स उन तमाम प्रोफेशनल्स के लिए एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है जो अपनी नौकरी छोड़े बिना AI और साइबर सिक्योरिटी के तेजी से बदलते डोमेन में अत्याधुनिक तकनीकी ज्ञान और मजबूत प्रैक्टिकल स्किल हासिल करना चाहते हैं।