JoSAA Counselling 2026: क्या हैं फ्रीज, फ्लोट और स्लाइड? जानें 10 जरूरी सवालों के जवाब
JEE Advanced 2026: आईआईटी रुड़की के रिजल्ट के बाद JoSAA काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू। फ्रीज, फ्लोट, स्लाइड और च्वॉइस लॉकिंग से जुड़े इन 10 जरूरी सवालों के जवाब यहाँ जानें।
आईआईटी रुड़की ने हाल ही में जेईई एडवांस्ड 2026 के रिजल्ट जारी किए थे और अब पास हुए सभी छात्रों का ध्यान संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण यानी जोसा (JoSAA) काउंसलिंग प्रक्रिया पर है, जिसके माध्यम से देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन मिलेगा. आईआईटी (IIT), आईआईआईटी (IIIT), एनआईटी (NIT) और आईआईएससी (IISc) में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ-साथ काउंसलिंग प्रक्रिया को समझना भी उतना ही जरूरी है जितना कि जेईई एडवांस्ड में अच्छी रैंक हासिल करना. ऐसे में आइए जानते हैं JoSAA काउंसलिंग 2026 के बारे में उन 10 जरूरी सवालों के जवाब, जिसे लेकर अक्सर छात्र असमंजस में रहते हैं.
JoSAA के माध्यम से कहां-कहां एडमिशन मिलता है?
संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण यानी जोसा (JoSAA) 2026 काउंसलिंग के माध्यम से देशभर के 138 संस्थानों में छात्रों को एडमिशन मिलता है, जिसमें 23 आईआईटी, आईआईएससी बेंगलुरु, 31 एनआईटी, आईआईईएसटी शिबपुर, 26 आईआईआईटी (IIIT) और 56 अन्य सरकारी वित्त पोषित तकनीकी संस्थान (अन्य GFTIs) शामिल हैं.
क्या JoSAA में रजिस्ट्रेशन जरूरी है?
भले ही किसी उम्मीदवार ने जेईई एडवांस्ड में अच्छी रैंक हासिल की हो, लेकिन जब तक वो JoSAA पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराते और विकल्प भरने की प्रक्रिया पूरी नहीं करते, तब तक उन्हें किसी भी कॉलेज में सीट अलॉट नहीं की जा सकती. इसलिए JoSAA सिस्टम के माध्यम से आईआईटी में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.
सीटों का अलॉटमेंट कैसे होता है?
सीट का आवंटन उम्मीदवार की रैंक, कैटेगरी, पात्रता, आरक्षण नियमों, सीटों की उपलब्धता और च्वॉइस फिलिंग के दौरान दर्ज की गई वरीयता क्रम यानी प्रीफरेंस ऑर्डर के आधार पर किया जाता है. इन्हीं सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए छात्रों को सीटें अलॉट की जाती हैं.
क्या विकल्प लॉक होने के बाद उन्हें बदला जा सकता है?
अगर किसी छात्र ने अपनी च्वॉइस फिल करके उन्हें लॉक कर दिया है, तो भी उन्हें बाद में बदला जा सकता है, बशर्ते कि च्वॉइस फिल करने की आखिरी डेट खत्म न हुई हो. छात्र ओटीपी वैरिफिकेशन का उपयोग करके JoSAA पोर्टल के माध्यम से अपने विकल्पों को अनलॉक कर सकते हैं और फिर उन्हें दोबारा लॉक करने से पहले उनमें बदलाव कर सकते हैं.
अगर कोई छात्र अपने विकल्पों को लॉक करना भूल जाए तो क्या होगा?
अगर किसी छात्र ने च्वॉइस फिल के बाद उन्हें सेव कर लिया है, लेकिन मैन्युअल रूप से उसे लॉक नहीं किया है, तो JoSAA समय सीमा खत्म होने के बाद सेव किए गए विकल्पों को ऑटोमैटिक लॉक कर देता है. फिर उन विकल्पों के आधार पर ही सीट आवंटन के लिए विचार किया जाता है.
सीट अलॉटमेंट प्राप्त होने के बाद छात्र को क्या करना चाहिए?
छात्र को ऑनलाइन रिपोर्टिंग पूरी करनी होगी, जिसमें फ्रीज, फ्लोट या स्लाइड का चयन करना, जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करना और निर्धारित समय सीमा के भीतर सीट स्वीकृति शुल्क का भुगतान करना शामिल है. निर्धारित समय सीमा के भीतर शुल्क का भुगतान न करने पर सीट का आवंटन रद्द किया जा सकता है.
आंशिक प्रवेश शुल्क (Partial Admission Fee) क्या है?
यह शुल्क JoSAA के फाइनल राउंड के बाद NIT+ सिस्टम में सीटें प्राप्त कर चुके छात्रों से लिया जाने वाला एक एडिशनल पेमेंट है. यह सीट स्वीकृति शुल्क से अलग है और आवंटित सीट को बरकरार रखने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर इसका भुगतान करना अनिवार्य है.
फ्रीज, फ्लोट और स्लाइड का क्या मतलब है?
फ्रीज विकल्प का मतलब होता है कि छात्र आवंटित सीट स्वीकार कर लेता है यानी वो आगे के राउंड में भाग नहीं लेना चाहता, जबकि फ्लोट विकल्प के तहत छात्र आवंटित सीट को बरकरार रख सकता है और साथ ही किसी भी अन्य संस्थान में हायर प्रीफरेंस च्वॉइस वाले कोर्सेज के लिए पात्र बना रहता है. वहीं, स्लाइड विकल्प के तहत छात्र अपनी वर्तमान सीट को बनाए रखते हुए उसी संस्थान में हायर प्रीफरेंस वाले कोर्सेज के लिए आवेदन कर सकता है.
अगर किसी छात्र को बाद के दौर में बेहतर सीट अलॉट की जाती है तो क्या होगा?
अगर किसी छात्र ने फ्लोट या स्लाइड का विकल्प चुना है और उसे बाद के राउंड में हायर प्रीफरेंस वाली सीट मिलती है, तो पहले आवंटित की गई सीट अपने आप रद्द हो जाती है और उसकी जगह पर अपग्रेडेड अलॉटमेंट प्राप्त हो जाता है.
JoSAA काउंसलिंग के दौरान किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती है?
छात्रों को वैरिफिकेशन के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रमाण पत्र, कैटेगरी सर्टिफिकेट, PwD डॉक्यूमेंट्स (अगर लागू हो), स्टेट एलिजिबिलिटी का प्रमाण, मेडिकल सर्टिफिकेट और राष्ट्रीयता से संबंधित डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने चाहिए.

