NEET पेपर लीक: खाप पंचायतों का छात्रों को समर्थन, धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना

नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में प्रदर्शन। घनघस खाप समेत हरियाणा की खाप पंचायतों ने छात्रों के आंदोलन को दिया पूर्ण समर्थन।

 
नीट परीक्षा विवाद

चंडीगढ़ : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक प्रकरण और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन में हरियाणा की कई खापों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। घनघस खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीप घनघस एडवोकेट अपने समर्थकों और टीम के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए और आंदोलन को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया।

जगदीप घनघस एडवोकेट ने बताया कि दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया। इस दौरान राजीव चौक मेट्रो स्टेशन और कनॉट प्लेस क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, जिससे पूरे इलाके में आंदोलन का माहौल बना रहा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की है। उनका कहना था कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

जगदीप घनघस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और अश्रुगैस के गोले भी छोड़े। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने पहुंचे लोगों पर बल प्रयोग उचित नहीं है। घनघस खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी खाप और सहयोगी संगठन इस आंदोलन को पूरा समर्थन देते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने देशभर के सामाजिक संगठनों और खाप प्रतिनिधियों से भी छात्रों के हित में चल रहे इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का प्रश्न है।