नीट पीजी में हुए कई अहम बदलाव, आधार बायोमेट्रिक जांच और 3.5 घंटे का पेपर; जानें पूरी रिपोर्ट
नीट पीजी (NEET PG) परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए NBEMS ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, नए एग्जाम सिटी नियम और सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। जानिए पूरी जानकारी।
NEET PG 2026 परीक्षा में इस बार कई अहम बदलाव किए गए हैं. परीक्षा को पहले से ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नई व्यवस्था लागू की है. अब परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन किया जाएगा. साथ ही परीक्षा शहर आवंटन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है, जिससे उम्मीदवारों को पहले से यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी. इस वर्ष 2.7 लाख से ज्यादा मेडिकल ग्रेजुएट्स ने परीक्षा के लिए आवेदन किया है, जो पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है.
NEET PG 2026 में उम्मीदवारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है. रजिस्ट्रेशन के समय और परीक्षा वाले दिन अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन किया जाएगा. अगर किसी उम्मीदवार का फिंगरप्रिंट वेरीफिकेशन सफल नहीं होता है तो उसकी पहचान आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन के माध्यम से की जाएगी. इस कदम का उद्देश्य फर्जी अभ्यर्थियों जैसी गड़बड़ियों को रोकना है.
एग्जाम सिटी अलॉटमेंट के नए नियम
परीक्षा केंद्र आवंटन प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है. अब आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को तीन पसंदीदा राज्यों का चयन करना होगा. इनमें पत्राचार (correspondence) वाला राज्य पहली प्राथमिकता के रूप में चुनना जरूरी होगा. परीक्षा शहर की जानकारी परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले जारी कर दी जाएगी ताकि अभ्यर्थियों को यात्रा और ठहरने की व्यवस्था के लिए पर्याप्त समय मिल सके. NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित होगी.
3.5 घंटे की परीक्षा
इस बार परीक्षा में 180 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए 210 मिनट यानी 3 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा. बढ़ती परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत बनाई गई है.
सख्त सुरक्षा व्यवस्था
परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक जांच, उम्मीदवारों की तलाशी, सिग्नल जैमर, डायनेमिक कंप्यूटर आवंटन और केंद्रीय व क्षेत्रीय कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था रहेगी. पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए 60 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी. प्रश्नपत्र की सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन और तय समय पर डिजिटल डिक्रिप्शन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होगा.
अफवाहों से दूर रहने की अपील
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने परीक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष और तकनीक आधारित परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वो पेपर लीक या किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें, क्योंकि प्रश्नपत्र तैयार करने और जारी करने की पूरी प्रक्रिया अत्यधिक सुरक्षित व्यवस्था के तहत संचालित की जाती है. इसके अलावा, NBEMS ने प्रतिरूपण, दलालों की गतिविधियों और अन्य अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक विशेष ईमेल सुविधा भी शुरू की है.

