नूंह स्कूल पिटाई मामला: मानवाधिकार आयोग सख्त, स्कूल बसों में CCTV अनिवार्य
नूंह के छछेरा स्कूल में छात्रा की पिटाई पर राज्य मानवाधिकार आयोग का कड़ा रुख। स्कूल बसों और कक्षाओं में CCTV निगरानी के निर्देश। जिला शिक्षा अधिकारी से मांगी रिपोर्ट।
चंडीगढ़: राज्य मानवाधिकार आयोग ने नूंह के गांव छछेरा स्थित प्रभात वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तीसरी कक्षा की छात्रा को अमानवीय शारीरिक दंड के मामले में स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी पर चिंता जताई है।
आयोग ने कहा कि परिवहन विभाग एवं परिवहन आयुक्त की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार स्कूली बच्चों को ले जाने वाली सभी बसों व वाहनों में सीसीटीवी कैमरे लगाना व उनकी नियमित निगरानी अनिवार्य है।
आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल वाहनों का नियमित निरीक्षण किया जाए और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक बस में लगे सीसीटीवी कैमरे गतिविधियों को रिकॉर्ड करें, कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए और पूरा वाहन सीसीटीवी निगरानी के दायरे में हो।
नूंह के मामले में न्यायमूर्ति ललित बत्रा की अध्यक्षता वाली आयोग की पूर्ण पीठ ने पाया कि जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रबंधन की रिपोर्टों में कई विरोधाभास हैं।
निरीक्षण रिपोर्ट में बताया गया कि स्कूल परिसर में मौजूद दो बसों में से एक में सीसीटीवी कैमरा नहीं था जबकि दूसरी बस में कैमरा कार्यशील है या नहीं इसका प्रमाण स्कूल प्रबंधन नहीं दे सका। स्कूल प्रबंधन ने दावा किया कि उसकी सभी छह बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जा रही है।
आयोग ने असंतोष जताते हुए नूंह के जिला शिक्षा अधिकारी को सभी स्कूल बसों, कक्षाओं और प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की दोबारा जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही नूंह पुलिस अधीक्षक से छात्रा को लगी चोटों और पुलिस कार्रवाई की पुनः जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। यह मामला 14 अगस्त 2025 का है। आरोप है कि अध्यापिका ने ब्लैक बोर्ड पर सवाल हल न कर पाने पर छात्रा को डंडे से बेरहमी से पीटा।

