Prem Nagar School Model Transformation: जलभराव से जूझ रहे राजकीय हाई स्कूल का हुआ कायाकल्प, भिवानी में बनी मिसाल

भिवानी के गांव प्रेमनगर में जनसहभागिता से राजकीय हाई स्कूल का हुआ कायाकल्प। बीईओ ने किया निरीक्षण।
 
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तिगड़ाना: सरकारी शिक्षण संस्थानों के प्रति समाज की दबी हुई सोच को बदलते हुए जनसहभागिता से शिक्षा व्यवस्था में अभूतपूर्व बदलाव लाने की एक प्रेरणादायक मिसाल भिवानी जिले के गांव प्रेमनगर में सामने आई है. ग्राम शिक्षा समिति, ग्राम पंचायत और स्थानीय ग्रामीणों के मजबूत आर्थिक और नैतिक सहयोग से राजकीय हाई स्कूल का पूर्ण रूप से कायाकल्प कर दिया गया है. कभी भारी बरसाती जलभराव और बदहाली से जूझने वाला यह विद्यालय आज किसी उच्च कोटि के आधुनिक मॉडल स्कूल के रूप में नजर आ रहा है, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है.

💧 2. जलभराव से तबाह हो गया था स्कूल का इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवानिवृत्त प्राचार्य रमेश बूरा और ग्रामीणों ने संभाली कमान

भिवानी के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) युद्धबीर सिंह ने शुक्रवार को अपनी निरीक्षण टीम के साथ इस विद्यालय का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. बीईओ ने स्कूल प्रांगण, पौधरोपण, साफ-सफाई, मिड-डे मील, वित्तीय व प्रशासनिक रिकॉर्ड के साथ-साथ प्रयोगशालाओं का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भारी बरसात और जलभराव के कारण स्कूल परिसर में कई महीनों तक करीब तीन फीट पानी जमा रहा था, जिससे फर्नीचर, कक्षाएं, लैब और पूरा भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे. ऐसे में विद्यालय की इस बदहाल स्थिति को सुधारने का बीड़ा सेवानिवृत्त प्राचार्य रमेश बूरा, सरपंच राजेश कुमार और शिक्षा समिति के प्रधान जोगिन्द्र सिंह ने उठाया.

✨ 3. मैथ्स-साइंस लैब, लाइब्रेरी और आकर्षक पेंटिंग्स से सजा स्कूल, बीईओ युद्धबीर सिंह ने व्यवस्थाओं को बताया उच्च कोटि का

महज एक साल के भीतर पंचायत और ग्रामीणों के सहयोग से विद्यालय की पूरी तस्वीर बदल दी गई है. स्कूल के प्रांगण को पक्का करने के साथ-साथ कक्षाओं को दुरुस्त किया गया, और परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया. स्कूल में आधुनिक मैथ्स लैब, साइंस लैब, आर्ट रूम, लाइब्रेरी, खेल ग्राउंड और सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे जैसी तमाम जरूरी सुविधाएं स्थापित की गई हैं. दीवारों पर की गई सुंदर पेंटिंग्स ने परिसर के सौंदर्य में चार चांद लगा दिए हैं. बीईओ युद्धवीर सिंह ने सभी व्यवस्थाओं को उच्च कोटि का बताते हुए कहा कि ग्रामीणों की यह भागीदारी पूरे हरियाणा के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है.