SSC New Rules 2026: परीक्षाओं के लिए नया आपत्ति प्रबंधन सिस्टम लागू, सबको मिलेंगे अंक
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) का बड़ा फैसला: 2026 से लागू होगी नई आपत्ति प्रबंधन प्रणाली। गलत या आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नों पर सभी अभ्यर्थियों को मिलेंगे पूरे अंक।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने परीक्षा प्रक्रिया को और पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए नई चुनौती/आपत्ति प्रबंधन प्रणाली लागू करने की घोषणा की है, जो वर्ष 2026 से प्रभावी होगी. इस नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवारों को आंसर-की पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा और विशेषज्ञों द्वारा उसकी समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही आयोग ने CHSL टाइपिंग टेस्ट से जुड़ा एक अहम अपडेट भी जारी किया है, जिससे कई अभ्यर्थियों को राहत मिली है.
नई आपत्ति प्रबंधन प्रणाली लागू
कर्मचारी चयन आयोग ने कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए नई आपत्ति प्रबंधन प्रणाली के दिशा-निर्देश जारी किए हैं. यह व्यवस्था 2026 से होने वाली सभी वस्तुनिष्ठ और विभागीय परीक्षाओं में लागू होगी. आयोग ने यह फैसला अभ्यर्थियों की शिकायतों, आरटीआई आवेदनों और अदालतों की टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए लिया है. इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है.
आंसर-की पर आपत्ति का मिलेगा मौका
नई प्रणाली के अनुसार, परीक्षा के बाद पहले अस्थायी आंसर-की जारी की जाएगी. अभ्यर्थी इस पर अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे. इसके बाद विषय विशेषज्ञ इन आपत्तियों की जांच करेंगे और उनकी राय के आधार पर फाइनल आंसर-की जारी होगी. इससे गलत प्रश्न या आंसर होने की स्थिति में सुधार का अवसर मिलेगा.
गलत या अस्पष्ट प्रश्नों पर सभी को नंबर
आयोग ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई प्रश्न गलत, अधूरा या स्पष्ट नहीं होता है, तो उसे हटा दिया जाएगा और सभी अभ्यर्थियों को उसके पूरे नंबर दिए जाएंगे. अगर किसी प्रश्न के एक से अधिक सही आंसर होंगे, तो सही विकल्प चुनने वाले सभी उम्मीदवारों को पूरे नंबर मिलेंगे, जबकि गलत आंसर देने वालों पर नेगेटिव मार्किंग लागू रहेगा.
आउट ऑफ सिलेबस सवालों पर भी राहत
एसएससी के अनुसार, सिलेबस से बाहर के प्रश्न बहुत कम आते हैं, लेकिन अगर ऐसा होता है तो उस प्रश्न को हटाकर सभी को अंक दिए जाएंगे. भाषा या अनुवाद की गलती होने पर हर भाषा के अनुसार अलग मूल्यांकन किया जाएगा. आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वो केवल सही और तर्कसंगत आपत्तियां ही दर्ज करें.

