Hai Jawani To Ishq Hona Hai Review: डेविड धवन का वही पुराना जलवा, वरुण की दमदार कॉमेडी
Hai Jawani To Ishq Hona Hai Review In Hindi: आज के इस दौर में जब थिएटर में आपको ज्यादातर ग्रैंड, खून-खराबे से भरी फिल्में देखने को मिलती हैं, ऐसे में एक डायरेक्टर आता है और कहता है,”भाई साहब, अपने दिमाग और लॉजिक को थिएटर के बाहर लगे साउंड बॉक्स के ऊपर रख आओ, और बस हंसने के लिए सीट बेल्ट बांध लो.” जी हां, हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के ‘कॉमेडी किंग’ डेविड धवन की, जो अपनी नई फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के साथ थिएटर में वापसी कर चुके हैं.
पूरे हफ्ते भर की थकान के बाद अगर आप एक ऐसा स्ट्रेस-बस्टर ढूंढ रहे हैं, जो आपके चेहरे पर मुस्कान छोड़ जाए, तो डेविड धवन की ये फिल्म आपके लिए ही बनी है. लेकिन क्या वरुण धवन इस बार अपने पिता की इस विरासत को संभाल पाए हैं? क्या ये फिल्म वाकई आपके वीकेंड को मजेदार बनाएगी या फिर ये सिर्फ एक पुरानी कोल्ड्रिंक को नई बोतल में परोसने जैसा है? इन सारे सवालों के जवाब जानने के लिए आपको ‘है जवानी तो इश्क होना है‘ का ये रिव्यू आखिर तक पढ़ना पड़ेगा.
जानें क्या है फिल्म की कहानी?
अगर आप डेविड धवन की फिल्म में क्रिस्टोफर नोलन जैसा दिमाग घुमा देने वाला सस्पेंस या कोई बहुत बड़ी अनोखी कहानी ढूंढ रहे हैं, तो गलती आपकी है, डेविड धवन की नहीं. फिल्म की कहानी उसी क्लासिक, आजमाए हुए और सुपरहिट धवन टेंपलेट पर आधारित है जिसे हम सालों से देखते आए हैं.
इस कहानी में हम मिलते हैं दो खूबसूरत हसीनाएं (मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े) से, और उनके बीच में फंसे हमारे हीरो वरुण धवन हैं. अब जहां डेविड धवन होंगे, वहां सीधे-सीधे प्यार तो हो नहीं सकता. तो फिल्म में एंट्री होती है ढेर सारे कन्फ्यूजन, गलतफहमियों और रंग-बिरंगे अतरंगी किरदारों की. एक ऐसा ताना-बाना बुना गया है जहां हर मोड़ पर एक नई गलतफहमी पैदा होती है और उसी गलतफहमी से निकलता है ठहाकों का सैलाब. अब कैसे वरुण इन सारी मुसीबतों से बाहर निकलते हैं और अपनी लव लाइफ को पटरी पर लाते हैं? ये जानने के लिए आपको थिएटर में जाकर ‘है जवानी तो इश्क होना है’ देखनी होगी.
कैसी है फिल्म?
सीधे और साफ शब्दों में कहें तो ‘है जवानी तो इश्क होना है’ एक शुद्ध, बिना मिलावट वाली कमर्शियल मसाला फिल्म है. ये फिल्म खुद को बहुत महान या कल्ट सिनेमा साबित करने का कोई ढोंग नहीं करती, और यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है. फिल्म देखते समय आपको वो पुराना दौर याद आ जाएगा जब हम सिनेमाघरों में सिर्फ और सिर्फ सीटी बजाने और हंसने के लिए जाते थे. ये एक ऐसी फिल्म है जिसे आप बिना किसी संकोच के अपने पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं और बिना सोचे-समझे ठहाके लगा सकते हैं.
फिल्म पूरी तरह से परफेक्ट नहीं है, फर्स्ट हाफ की तुलना में सेकंड हाफ में कुछ जगहों पर फिल्म थोड़ी खिंची हुई सी लगती है. कुछ जगह ऐसा लगता है कि कहानी आगे बढ़ने के बजाय एक ही जगह पर थम गई है, लेकिन फिर क्लाइमेक्स शुरू होते ही फिल्म ‘बैक ऑन ट्रैक’ आ जाती है.
डायरेक्शन और राइटिंग
सोशल मीडिया पर बैठे कुछ ‘ज्ञानी’ लोग अक्सर डेविड धवन की इस फिल्म को ट्रोल करते हुए नजर आ रहे हैं. लोग कहते हैं कि ये सिनेमा बेवफाई का चीटिंग का महिमामंडन कर रहा है! लेकिन यहां हमें एक बात समझने की जरूरत है. आज के सिनेमा में जहां हर कोई समाज सुधारक बनने की कोशिश कर रहा है, कोई ‘एनिमल’ जैसी फिल्में बनाकर हिंसा दिखा रहा है, तो कोई भारी-भरकम प्रवचन दे रहा है, ऐसे में डेविड धवन का ये स्टाइल एक ताजी हवा के झोंके जैसा है. उन्होंने कभी भी कहानी में नयापन ढूंढने की कोशिश नहीं की, बल्कि उनकी ताकत इस बात में है कि वो जाने-पहचाने मसालों को इतनी खूबसूरती से परोसते हैं कि दर्शक उंगली चाटते रह जाते हैं. उनका एक ही सीधा मंत्र है— सिर्फ और सिर्फ एंटरटेनमेंट!
फिल्म की राइटिंग और स्क्रीनप्ले की बात करें तो यह बेहद तेज रफ्तार से आगे बढ़ती है. फिल्म के वन-लाइनर्स और सिचुएशनल कॉमेडी इतनी सटीक है कि आपके पास बोर होने का टाइम ही नहीं बचता. कुछ सीन्स में तो आपको वैसी ही वाइब आएगी जैसी कभी ‘हीरो नंबर 1’ या ‘कुली नंबर 1’ देखकर आती थी. राइटर्स ने कमाल के मजेदार डायलॉग्स लिखे हैं, जो कई बार पेट थामकर हंसने पर मजबूर कर देते हैं.
जानें कैसी है कलाकारों की एक्टिंग?
अब आते हैं फिल्म के सबसे बड़े प्लस पॉइंट पर, यानी एक्टिंग. सोशल मीडिया पर वरुण धवन को ट्रोल करने वालों के मुंह पर इस फिल्म ने एक करारा तमाचा जड़ा है. वरुण धवन ने इस फिल्म से साबित कर दिया है कि जब बात कॉमेडी और हाई-एनर्जी परफॉर्मेंस की आती है, तो वो ‘वन ऑफ द बेस्ट’ हैं. वरुण की कॉमिक टाइमिंग लाजवाब है, उनका स्क्रीन प्रेजेंस कमाल का है और पूरी फिल्म में उनकी एनर्जी इतनी जबरदस्त है कि आपको स्क्रीन से नजर हटाने का मौका नहीं मिलता.
फिल्म की दोनों लीड एक्ट्रेसेस, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े ने फिल्म में न सिर्फ ग्लैमर का तड़का लगाया है, बल्कि अच्छी एक्टिंग भी की है. तीनों की केमिस्ट्री जम रही है. लेकिन असली मजा तो फिल्म की सपोर्टिंग कास्ट ने दिया है. इसे आप कॉमेडी के ‘एवेंजर्स’ कह सकते हैं.
- जिमी शेरगिल: जिमीहमेशा की तरह एक बेहद शानदार और अलग अंदाज में नजर आए हैं, उनका काम बेहतरीन है.
- मौनी रॉय: फिल्म के माहौल में अपने अंदाज से तड़का लगाने में पूरी तरह कामयाब रही हैं.
- चंकी पांडे और राकेश बेदी: चंकी पांडे ने कुछ ऐसे मजेदार सीन्स दिए हैं जिन्हें देखकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे. राकेश बेदी ने भी अपनी कॉमिक टाइमिंग से प्रभावित किया है.
- मनीष पॉल और राजेश कुमार: मनीष पॉल अपने पूरे फॉर्म में दिखे हैं, वहीं राजेश कुमार का काम भी फर्स्ट-क्लास है.
इसके अलावा फिल्म में जॉनी लीवर, राजपाल यादव, अली असगर, मनोज पाहवा और कुब्रा सैत जैसे दिग्गज कलाकारों के छोटे लेकिन बेहद असरदार कैमियो हैं, जो फिल्म को और ज्यादा मजेदार बना देते हैं.
देखें या नहीं?
फिल्म के ट्रेलर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर इस फिल्म को लेकर खूब ट्रोलिंग हुई, फिल्म के विषय को लेकर ज्ञान भी दिया गया. ज्ञान देने वाले वहीं लोग थे, जिन्हें झाड़ू ओर बैठा हुआ हैरी पोर्टर तो बेहद पसंद है, लेकिन अपनों का बदला लेने वाली नागिन इन्हें हजम नहीं होती. अगर वाकई हमें फिल्मों के सामाजिक प्रभाव की इतनी ही चिंता है, तो सवाल इस तरह के हल्के-फुल्के कॉमेडी सब्जेक्ट्स पर नहीं, बल्कि स्क्रीन पर परोसी जाने वाली बेहिसाब हिंसा और उस पर अंधाधुंध तालियां पीटती ऑडियंस पर होना चाहिए.
आप मानें या न मानें लेकिन हकीकत यो यही है कि फिल्मों का वास्तविक जीवन पर असर बेहद सीमित होता है… न तो ‘बॉर्डर’ देखने के बाद सेना में भर्ती होने वालों की कतारें लग जाती हैं और न ही ‘पीके’ देखने के बाद समाज से अंधविश्वास रातों-रात खत्म हो जाता है.
आज के दौर में हर कोई ऋषिकेश मुखर्जी, राजकुमार हिरानी या अमर कौशिक जैसे कॉमेडी के साथ मेसेज देने वाली फिल्में नहीं बना सकता और डेविड धवन ने कभी ‘क्लासिक या महान सिनेमा’ बनाने का दावा किया ही नहीं. उनका ट्रेडमार्क हमेशा से तनाव भरे माहौल में आपके चेहरों पर मुस्कान बिखेरना रहा है. तो 100 बात की एक बात, ‘ये जवानी तो इश्क होना है’ एक आउट-एंड-आउट कमर्शियल एंटरटेनर है, जिसे आलोचनाओं के भारी-भरकम चश्मे को उतारकर सिर्फ और सिर्फ विशुद्ध मनोरंजन के लिए देखा जाना चाहिए.

