Bar Council Member Asmi: न्यायमूर्ति मिंदरजीत यादव के पदोन्नत होने के बाद खाली सीट पर अस्मी ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत
मात्र 23 वर्ष की उम्र में अधिवक्ता अस्मी पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। वह देश की सबसे कम उम्र की और पहली जेन-जी सदस्य हैं।
चंडीगढ़ से एक बेहद प्रेरणादायक और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य पद के लिए अधिवक्ता अस्मी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। महज 23 वर्ष की कम उम्र में यह गौरव हासिल कर उन्होंने देश भर में इतिहास रच दिया है। वह देश के किसी भी राज्य की बार काउंसिल में सदस्य बनने वाली सबसे कम उम्र की महिला और पहली जेन-जी (Gen-Z) सदस्य बन गई हैं। यह रिक्त सीट न्यायमूर्ति मिंदरजीत यादव के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने के बाद खाली हुई थी, जिस पर अस्मी ने अपना नामांकन दाखिल किया था।
📜 रिटर्निंग अधिकारी प्रदीप परमार ने की औपचारिक घोषणा: बार काउंसिल के तमाम दिग्गजों और पदाधिकारियों ने दी बधाई
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने तक इस पद के लिए किसी अन्य उम्मीदवार ने अपना पर्चा नहीं भरा। इसके बाद नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने पर मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे रिटर्निंग अधिकारी प्रदीप परमार ने अधिवक्ता अस्मी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चेयरमैन अमित राणा, वाइस चेयरमैन शर्मिला शर्मा, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य कर्णजीत सिंह, पूर्व चेयरमैन डॉ. विजेंद्र सिंह अहलावत, गुरतेज सिंह ग्रेवाल और प्रताप सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।