Haryana Tourism News: 23 गैलरी, 360 डिग्री प्रोजेक्शन और स्काई कैफे; अंबाला का भव्य शहीद स्मारक बनकर तैयार

अंबाला छावनी में 800 करोड़ रुपये की लागत से 1857 की क्रांति का सबसे बड़ा राष्ट्रीय शहीद स्मारक बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही पीएम मोदी इसका उद्घाटन कर सकते हैं।

 
PM Modi Haryana visit

हरियाणा के अंबाला छावनी में आजादी की पहली लड़ाई (1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम) को समर्पित भव्य और अत्याधुनिक शहीद स्मारक बनकर पूरी तरह तैयार हो गया है। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने जानकारी दी कि लगभग 800 करोड़ रुपये की विशाल लागत से निर्मित यह राष्ट्रीय स्मारक एशिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा स्मारक है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर महीने के पहले या दूसरे सप्ताह में हरियाणा दौरे के दौरान इसका औपचारिक उद्घाटन कर इसे आम जनता के लिए समर्पित कर सकते हैं। यह स्मारक उन तमाम गुमनाम नायकों और बलिदानियों की स्मृति में बनाया गया है, जिन्हें इतिहास में उनका उचित स्थान नहीं मिल पाया।

📜 मेरठ से 9 घंटे पहले अंबाला में शुरू हुई थी क्रांति: 5 इतिहासकारों की समिति और लंदन-लाहौर के दस्तावेजों से जुटाए गए तथ्य

कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने ऐतिहासिक साक्ष्यों और सरकारी दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि 10 मई, 1857 को मेरठ में हुए विद्रोह से लगभग नौ घंटे पहले ही अंबाला में 60वीं और 5वीं नेटिव इन्फैंट्री के जांबाज सैनिकों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बिगुल फूंक दिया था। इस स्मारक की ऐतिहासिक प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए देश के पांच नामचीन इतिहासकारों की समिति गठित की गई थी, जिसके तहत राष्ट्रीय पुरातत्व संस्थानों के साथ-साथ लंदन की लाइब्रेरी और लाहौर से भी दुर्लभ ऐतिहासिक अभिलेख मंगवाए गए हैं। गहन शोध के माध्यम से अब तक 700 से अधिक स्वतंत्रता सेनानियों के नाम, उनके पिता और गांवों की पहचान कर स्मारक की दीवारों पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित किए गए हैं।

🗼 अत्याधुनिक तकनीकों और सुविधाओं से लैस: 63 मीटर ऊँचा कमल का फूल, स्काई कैफे, 360° प्रोजेक्शन और ओपन एयर थिएटर

इस भव्य शहीद स्मारक को अत्यंत आधुनिक रूप दिया गया है, जहाँ आने वाले पर्यटकों को 1857 के दौर का जीवंत अनुभव मिलेगा:

  • गैलरी और टेक्नोलॉजी: स्मारक में कुल 23 थिमैटिक गैलरी बनाई गई हैं, जहाँ 360 डिग्री प्रोजेक्शन टेक्नोलॉजी और साउंड व लेजर शो के जरिए क्रांतिकारियों के संघर्ष को दिखाया जाएगा।

  • 63 मीटर ऊंचा कमल और स्काई कैफे: परिसर में 63 मीटर ऊंची कमल के फूल के आकार की एक विशेष टॉवर आकृति बनाई गई है, जिसके शीर्ष पर पर्यटकों के लिए स्काई कैफे विकसित किया जा रहा है।

  • डिजिटल श्रद्धांजलि और सुविधाएं: आगंतुक डिजिटल गैलरी में हाथ रखकर वीरों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त 2,500 क्षमता का ओपन एयर थिएटर, 300 क्षमता का ऑडिटोरियम, हेलीपैड, अलग बिजली सब-स्टेशन और ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए मोबाइल ऐप की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।