1857 Revolt Memorial: 200 साल पुराने बरगद के पेड़ के पास बना भव्य शहीदी स्मारक, अनिल विज ने की परिकल्पना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के अवसर पर अंबाला छावनी में 700 करोड़ रुपये की लागत से बने भव्य शहीदी स्मारक का उद्घाटन कर सकते हैं।

 
PM Narendra Modi Ambala visit

हरियाणा के निवासियों के लिए इस बार 1 नवंबर यानी हरियाणा दिवस का अवसर बेहद खास होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन अंबाला छावनी में लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए देश के सबसे भव्य आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक का उद्घाटन कर सकते हैं। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने 10 मई 1857 की क्रांति के इतिहास को याद करते हुए बताया था कि अंबाला छावनी में देश के इन महान शहीदों के सम्मान में एक विशाल स्मारक का निर्माण किया गया है।

🏛️ एशिया का सबसे बड़ा शहीदी स्मारक, 63 मीटर ऊंचे कमल के आकार का टावर है आकर्षण का केंद्र

अंबाला छावनी में 1857 की क्रांति के वीर शहीदों की स्मृति में बनाए गए इस भव्य शहीदी स्मारक में इस ऐतिहासिक संघर्ष से जुड़ी पूरी गाथा को आधुनिक माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। इस परिसर में 63 मीटर ऊंचा कमल के आकार का एक भव्य मेमोरियल टॉवर भी बनाया गया है, जिस पर विशेष तौर पर रात्रि के समय लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा। टॉवर के ठीक सामने दो हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता वाली दीर्घा भी तैयार की गई है, जो यहां आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी।

🌳 200 साल पुराने ऐतिहासिक बरगद वृक्ष की छांव में रची गई थी क्रांति की योजना

इस स्मारक परिसर की सबसे खास बात यह है कि यहां एक 200 वर्ष पुराना 'बुढ़ा बरगद' वृक्ष भी मौजूद है, जिसकी घनी छांव में बैठकर महान क्रांतिकारियों ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की रूपरेखा तैयार की थी। कैबिनेट मंत्री अनिल विज की अनूठी परिकल्पना से तैयार इस स्मारक का मुख्य उद्देश्य देश के गौरवशाली इतिहास, बलिदान और अमर सेनानियों की गाथाओं से नई पीढ़ी को रूबल कराना है, ताकि हर देशवासी इन वीरों के त्याग को हमेशा याद रख सके।