Ambala Safai Karamchari Protest: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का 13वां दिन, अंबाला में शव यात्रा निकालकर जताया विरोध
अंबाला: अंबाला में अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने आज मंत्री का पुतला फूंका. इस दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया. दरअसल, निकाय मंत्री विपुल गोयल के पुतले में आग लगाते ही लपटें अचानक तेज हो गईं. इसी दौरान नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश उप प्रधान सेवा राम बोहत आग की चपेट में आ गए. हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया, जिससे स्थिति बिगड़ने से बच गई.
13वें दिन भी जारी रही कर्मचारियों की हड़ताल: नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल लगातार 13वें दिन भी जारी रही. कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को अंबाला कैंट में निकाय मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया.
शव यात्रा निकालकर जताया विरोध: नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के उप प्रधान सेवा राम बोहत की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने निकाय मंत्री विपुल गोयल की शव यात्रा निकाली. यह यात्रा शहर के मुख्य बाजारों से होते हुए अंबाला कैंट सदर बाजार चौक पहुंची. यहां कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए निकाय मंत्री का पुतला फूंका गया.
सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप: इस दौरान प्रदेश उप प्रधान सेवा राम बोहत ने सरकार पर कर्मचारियों की मांगों को लेकर वादा खिलाफी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि, "13 मई को निकाय मंत्री के साथ वार्ता हुई थी, लेकिन उसका कोई समाधान नहीं निकला. सरकार अपने वादे से मुकर रही है, इसलिए हमें हड़ताल करने के लिए मजबूर होना पड़ा है."
पुतला फूंकते समय बाल-बाल बचे प्रदेश उप प्रधान: वहीं, पुतला फूंकने के दौरान आग अचानक इतनी भड़क गई कि सेवा राम बोहत उसकी चपेट में आ गए. हालांकि आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति संभालते हुए आग बुझा दी. समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था. घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान: प्रदर्शन कर रहे सफाई और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से फैसला लेना चाहिए. कर्मचारियों ने संकेत दिया कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

