अंबाला में चीनी डोर का कहर: मौत के जाल में फंसा लुप्त प्रजाति का दुर्लभ उल्लू, वाइल्डलाइफ टीम ने किया रेस्क्यू
अंबाला में प्रतिबंधित चीनी डोर (चाइनीज मांझा) की चपेट में आने से एक दुर्लभ प्रजाति का उल्लू गंभीर रूप से घायल हो गया। वाइल्डलाइफ विभाग ने पक्षी का रेस्क्यू कर इलाज शुरू किया। जानें पूरी खबर।
Feb 14, 2026, 18:18 IST
अंबाला : आसमान में उड़ती पतंगे जितनी सुंदर लगती हैं उतनी ही घातक भी होती है। दरअसल पतंग को उड़ाने के लिए चीनी डोर का इस्तेमाल किया जाता है जिसकी वजह से आसमान में उड़ने वाले पक्षी कई बार घायल हो जाते हैं। न सिर्फ पक्षी बल्कि इसका असर इंसानों पर भी देखने को मिलता है। इस डोर की वजह से इंसान भी चोटिल हो जाते हैं।
वहीं अंबाला से ऐसा मामला सामने आया है जहां पर इस चीनी डोर में फंसकर एक लुप्त प्रजाति का उल्लू फंस गया और घायल हो गया। इसके बाद अंबाला वाइल्डलाइफ डिपार्मेंट ने इसका रेस्क्यू किया और इसका इलाज करके अभी सुरक्षित जगह पर रखा हुआ है। जानकारी देते हुए वाइल्डलाइफ डिपार्मेंट के सदस्य भरत ने बताया कि अंबाला शहर से व्यक्ति उन्हें यह उल्लू देकर गया है जो डोर में उलझ पड़ा था। उन्होंने लोगों से अपील की है कि चीनी डोर का इस्तेमाल न करें, हालांकि यह पूरी तरीके से बंद कर दी गई है लेकिन इससे इंसान और जानवर दोनों ही परेशान होते हैं। फिलहाल उल्लू का उपचार चल रहा है।
वहीं अंबाला से ऐसा मामला सामने आया है जहां पर इस चीनी डोर में फंसकर एक लुप्त प्रजाति का उल्लू फंस गया और घायल हो गया। इसके बाद अंबाला वाइल्डलाइफ डिपार्मेंट ने इसका रेस्क्यू किया और इसका इलाज करके अभी सुरक्षित जगह पर रखा हुआ है। जानकारी देते हुए वाइल्डलाइफ डिपार्मेंट के सदस्य भरत ने बताया कि अंबाला शहर से व्यक्ति उन्हें यह उल्लू देकर गया है जो डोर में उलझ पड़ा था। उन्होंने लोगों से अपील की है कि चीनी डोर का इस्तेमाल न करें, हालांकि यह पूरी तरीके से बंद कर दी गई है लेकिन इससे इंसान और जानवर दोनों ही परेशान होते हैं। फिलहाल उल्लू का उपचार चल रहा है।

