Mahatma Gandhi Ideals Relevance Today: 'मेरा जीवन ही मेरा संदेश है' — एम्स्टर्डम से गांधी ग्लोबल फैमिली का दुनिया को शांति संदेश
नीदरलैंड के एम्स्टर्डम में चर्चिल लेन स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर राम मोहन राय ने श्रद्धांजलि अर्पित की। जानिए इतिहास के इस अनूठे संदेश के मायने।
चंडीगढ़ : नीदरलैंड के एम्स्टर्डम स्थित चर्चिल लेन पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव एवं अधिवक्ता राम मोहन राय ने कहा कि गांधी का जीवन आज भी पूरी दुनिया को सत्य, नैतिक साहस और मानवता की सेवा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जिस सड़क का नाम ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के नाम पर है, वहीं गांधी की प्रतिमा का स्थापित होना इतिहास के बदलाव का प्रतीक है।
राम मोहन राय ने कहा कि चर्चिल गांधी के प्रखर आलोचक थे और उन्होंने गांधी के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल तक किया था। इसके बावजूद समय ने साबित किया कि हथियारों और सत्ता के बजाय सत्य और नैतिक शक्ति अधिक प्रभावशाली होती है। गांधी ने बिना हथियारों के ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी और करोड़ों भारतीयों में स्वतंत्रता की चेतना पैदा की।
‘एकला चलो’ को जीवन में उतारने की जरूरत
राय ने कहा कि आज दुनिया युद्ध, आतंक, हिंसा, असहिष्णुता, मानसिक तनाव और पर्यावरणीय संकटों से जूझ रही है। ऐसे समय में केवल सरकारों और संस्थाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर के गांधी को जगाकर सत्य और मानवता के पक्ष में खड़ा होना होगा।
उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ ठाकुर की पंक्ति—‘यदि तोर डाक सुने केउ ना आसे, तबे एकला चलो रे’—आज भी प्रासंगिक है। गांधी ग्लोबल फैमिली का उद्देश्य भी सेवा, करुणा और मानवीय मूल्यों को समाज तक पहुंचाना है।
राम मोहन राय ने कहा कि गांधी की तस्वीर लगाना आसान है, लेकिन उनके आदर्शों को जीवन में उतारना कठिन। गांधी स्वयं कहते थे, ‘मेरा जीवन ही मेरा संदेश है।’ इसलिए सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम उनके नाम का नहीं, उनके विचारों और कार्यों का विस्तार करें।

