Haryana News Today: अनिल विज का कांग्रेस पर तीखा पलटवार, कहा- विपक्ष को अपने पुराने शासनकाल के दिन याद करने चाहिए
चंडीगढ़ : हरियाणा के परिवहन एवं बिजली मंत्री अनिल विज ने चीनी की कीमतों को लेकर कांग्रेस द्वारा सरकार पर की जा रही आलोचनाओं पर तीखा पलटवार किया है। विज ने कांग्रेस के शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय लोगों को चीनी खरीदने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ता था। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी चीनी लेने के लिए लाइन में खड़े होकर इंतजार कर चुके हैं।
विज का यह बयान ऐसे समय आया है, जब चीनी की कीमतों को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रही है। विपक्ष महंगाई के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास कर रहा है। इसके जवाब में विज ने कांग्रेस के शासनकाल की परिस्थितियों को सामने रखते हुए कहा कि आज विपक्ष जिस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, उसे अपने शासनकाल का रिकॉर्ड भी देखना चाहिए।
‘मैं खुद चीनी के लिए लाइन में लगा हूं’
अनिल विज ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में आम आदमी के लिए चीनी खरीदना भी आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि वह खुद चीनी लेने के लिए लाइन में लगकर इंतजार कर चुके हैं। विज का कहना था कि उस दौर में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और वितरण को लेकर आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। राशन की दुकानों पर लोगों की कतारें लगती थीं और कई बार अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा आलोचनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को केवल कीमतों पर राजनीति करने के बजाय अपने शासनकाल की व्यवस्थाओं को भी याद करना चाहिए।
महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
परिवहन एवं बिजली मंत्री ने कांग्रेस पर महंगाई के मुद्दे को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता को यह भी बताना चाहिए कि उसके शासनकाल में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर क्या स्थिति थी। विज ने अपने बयान के जरिए कांग्रेस के उस राजनीतिक नैरेटिव को चुनौती देने की कोशिश की, जिसमें महंगी चीनी को लेकर मौजूदा सरकार को घेरा जा रहा है। उनका जोर इस बात पर रहा कि किसी भी वस्तु की कीमत पर चर्चा करते समय उसके साथ उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की तस्वीर को भी सामने रखा जाना चाहिए।
विधानसभा से बाहर भी जारी है सियासी तकरार
चीनी की कीमत को लेकर सामने आया यह विवाद महज एक आवश्यक वस्तु की कीमत का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। कांग्रेस जहां महंगाई को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है, वहीं भाजपा नेता कांग्रेस के पिछले शासनकाल की व्यवस्थाओं का हवाला देकर पलटवार कर रहे हैं।
अनिल विज अपने बेबाक और आक्रामक राजनीतिक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी उन्होंने आंकड़ों के बजाय अपने व्यक्तिगत अनुभव को कांग्रेस पर निशाना साधने का आधार बनाया। उनका यह बयान साफ तौर पर इस संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि महंगाई पर सरकार को घेरने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल की परिस्थितियों का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।