'कांग्रेस हाथ में पेट्रोल लेकर चिंगारी तलाश रही', करनाल में अनिल विज का विपक्ष पर तीखा प्रहार
करनाल पहुंचे हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। विज ने कहा कि पीएम मोदी ने युवाओं की मांगें मानकर संवेदनशीलता दिखाई है।
करनाल: हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज करनाल पहुंचे, जहां उन्होंने हरियाणा सरकार के पूर्व उद्योग मंत्री शशिपाल मेहता के आवास पर पहुंचकर उनका हालचाल जाना. इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान विज ने कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की. उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, "पार्टी पूरी तरह से असफल हो चुकी है और अब युवाओं को भड़काकर अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है. आज का युवा पहले से कहीं अधिक जागरूक है और वह किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है."
युवाओं की मांग स्वीकार करने वाले प्रधानमंत्री बने मिसाल: अनिल विज ने कहा कि, "हालिया आंदोलन के दौरान युवाओं ने अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए उनकी मांगों को स्वीकार किया. देश में पहले भी कई बड़े आंदोलन हुए, लाठीचार्ज हुए, गोलियां चलीं, लेकिन सरकारें शायद ही कभी इतनी संवेदनशील दिखाई दी हों. प्रधानमंत्री ने देर रात सोशल मीडिया के माध्यम से भी देशवासियों तक अपना संदेश पहुंचाकर यह साबित किया कि उनकी सरकार जनता की भावनाओं के प्रति जवाबदेह है."
कांग्रेस पर लगाया माहौल बिगाड़ने का आरोप: कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए विज ने कहा कि, "यह वही परिवार है जिसके कई सदस्य वर्षों तक देश के सर्वोच्च पद पर रहे, लेकिन आज जनता ने कांग्रेस को पूरी तरह नकार दिया है. कांग्रेस अब देश में अशांति फैलाने की राजनीति कर रही है. कांग्रेस ऐसे लोगों की तरह व्यवहार कर रही है जो हाथ में पेट्रोल लेकर चिंगारी तलाशते फिरते हैं, ताकि जहां भी छोटा विवाद हो, उसे बड़ा बनाकर देश का माहौल खराब किया जा सके."
"संघर्ष हो, लेकिन भाषा और व्यवहार संयमित हो": हाल ही में संसद के बाहर दिए गए विवादित बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने कहा कि, "वह किसी के व्यक्तिगत बयान पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन इतना जरूर कहना चाहेंगे कि संघर्ष किसी भी मुद्दे का हो, उसमें मर्यादा और शालीनता का पालन होना चाहिए. जनप्रतिनिधियों के शब्द और व्यवहार से देश की छवि बनती भी है और बिगड़ती भी है, इसलिए सार्वजनिक जीवन में संयम बेहद जरूरी है."
आंदोलन में असामाजिक तत्वों की भूमिका पर उठाए सवाल: आंदोलन को लेकर विज ने कहा कि, "शुरुआत में यह पूरी तरह युवाओं का आंदोलन दिखाई दे रहा था, लेकिन बाद में राजनीतिक दल इसमें शामिल हो गए. अब जो रिपोर्टें सामने आ रही हैं, उनमें हजारों आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की मौजूदगी की बात कही जा रही है, ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि उन्हें वहां कौन लेकर आया. यदि युवाओं पर अनावश्यक लाठीचार्ज हुआ या गलत मुकदमे दर्ज हुए तो सरकार ने उनकी बात स्वीकार की है. आंदोलन के दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और उन्हें भी न्याय मिलना चाहिए. कानून सबके लिए बराबर है और हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है."
पंजाब पेपर लीक पर भी बोले विज: चंडीगढ़ में अमृतपाल समर्थकों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने कहा कि, "जहां भी कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश होगी, वहां पुलिस अपना कर्तव्य निभाएगी." वहीं, पंजाब में सामने आए पेपर लीक मामले पर उन्होंने आम आदमी पार्टी को घेरते हुए कहा कि, "जब दूसरे राज्यों में ऐसे मामले सामने आते हैं तो आंदोलन करने वाले अब अपने ही राज्य में हुई घटनाओं पर चुप क्यों हैं. पहले दूसरों पर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन जब खुद के मंत्री आरोपों में घिरे तो कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई. शासन का मतलब पहले खुद पर अनुशासन लागू करना होता है, उसके बाद ही दूसरों को सीख देने का अधिकार मिलता है."

