Haryanvi Singer Ankit Baliyan Shot Dead: 5 करोड़ बार देखा गया गाना बना मौत की वजह, एनकाउंटर में दो शूटर ढेर
चंडीगढ़: हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के पीछे महज आपसी रंजिश नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय हुआ एक गाना भी बड़ी वजह बनकर सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 'भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान' नाम के इस गाने को यू-ट्यूब पर करीब 5.4 करोड़ बार देखा जा चुका है। इसी गाने में नजर आने वाले 28 वर्षीय अंकित बालियान को जितेंद्र गोगी गैंग ने निशाने पर ले लिया था।
गोगी गैंग को लगा, गाने में सरगना का मजाक उड़ाया
पुलिस के अनुसार गाने के बोल को गोगी गैंग ने अपने सरगना जितेंद्र गोगी की 2021 में दिल्ली के अदालत परिसर में हुई हत्या से जोड़कर देखा। गोगी की हत्या उसके प्रतिद्वंद्वी टिल्लू ताजपुरिया ने की थी। गैंग के सदस्यों को शक था कि गाने के जरिए उनके सरगना का मजाक उड़ाया गया और इसे टिल्लू गैंग के साथ मिलकर जारी किया गया। शामली के एस.पी. नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, अंकित ने पुलिस को बताया था कि उसने सिर्फ गाने के वीडियो में अभिनय किया था। गीत लिखने या संगीत तैयार करने में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। इसके बावजूद गैंग का शक दूर नहीं हुआ।
2022-23 में मिली थी धमकी, पुलिस के पास नहीं पहुंचा
पुलिस ने बताया कि दिल्ली में रहने के दौरान 2022-23 में अंकित को कथित तौर पर धमकियां मिली थीं। हालांकि उसने इस बारे में अपने परिवार को नहीं बताया और न ही पुलिस से संपर्क किया। 26 अगस्त की शाम शामली के कोतवाली इलाके में जिम से निकलते समय बदमाशों ने उसे गोली मार दी।
गैंग के बड़े नाम भी जांच के घेरे में
पुलिस अब बाकी 2 शूटरों, उन्हें पनाह देने वालों और साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर गोगी गैंग की ओर से जिम्मेदारी लेने वाली कथित पोस्ट भी सामने आई थी। पुलिस का कहना है कि पोस्ट के पीछे राहुल का कनाडा में रहने वाला चचेरा भाई चिराग हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के डी.जी.पी. राजीव कृष्ण ने ऑप्रेशन में शामिल पुलिस टीम के लिए 2 लाख रुपए के ईनाम की घोषणा की है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर हरियाणा के गैंगस्टर राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया का नाम लिया। पुलिस का दावा है कि राहुल ने उन्हें पैसे और हथियार उपलब्ध कराकर बालियान की हत्या का निर्देश दिया था। राहुल पर यमुनानगर में 2024 के तिहरे हत्याकांड के मामले में एक लाख रुपए का ईनाम है।
हत्या से पहले 20 अगस्त को की थी रेकी
जांच में सामने आया है कि हत्या में शामिल 4 संदिग्ध 20 अगस्त को शामली पहुंचे थे और इलाके की रेकी की थी। पुलिस के मुताबिक, चारों ने उस दौरान एक होटल में ठहरकर हमले की तैयारी की। हत्या के बाद 2 बदमाश बागपत और 2 करनाल की ओर फरार हो गए।
2 शूटर मुठभेड़ में मारे गए
सोमवार को पुलिस ने चैकिंग के दौरान बाइक सवार 2 संदिग्धों को रोकने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, दोनों ने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। पीछा करने के बाद उन्होंने फिर गोलीबारी की, जिसमें हैड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों संदिग्ध घायल हुए और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय मोहित और 24 वर्षीय सुमित के रूप में हुई है। दोनों सोनीपत के रहने वाले और कथित तौर पर गोगी गैंग से जुड़े थे। पुलिस ने मौके से 3 पिस्तौल, कारतूस, बाइक, मोबाइल फोन और 5,000 रुपए बरामद करने का दावा किया है।