Haryanvi Singers on Ankit Baliyan Murder: अंकित बालियान हत्याकांड पर छलका कलाकारों का दर्द, अमित सैनी दनौदा और बिंदर दनौदा ने जताई चिंता

हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या पर कलाकारों ने जताया दुख। अमित सैनी और बिंदर दनौदा ने बढ़ते गन कल्चर पर जताई चिंता।

 
Yamuna Putra Angad movie

हिसार: अंकित बालियान हत्याकांड पर हरियाणवी कलाकारों ने गहरा दुख जताया है. हिसार में फिल्म "यमुना पुत्र अंगद" के प्रमोशन के दौरान हरियाणवी कलाकार अमित सैनी दनौदा और बिंदर दनौदा ने अंकित बालियान की हत्या को पूरे हरियाणवी कला जगत के लिए बड़ी क्षति बताया. कलाकारों ने कहा कि दुख की घड़ी में कलाकारों को एक-दूसरे और पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए.

अंकित की हत्या से बेहद दुखी हैं कलाकार: हरियाणवी कलाकार अमित सैनी दनौदा ने अंकित बालियान की हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि, "यह सिर्फ एक कलाकार का नुकसान नहीं है, बल्कि पूरे हरियाणवी कला जगत की बड़ी क्षति है. किसी भी कलाकार के साथ ऐसी दुखद घटना होने पर पूरे कलाकार समाज को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए. कलाकारों को एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होना चाहिए. किसी के दुख में उसके परिवार के साथ खड़े होने से किसी का कुछ नहीं जाता. हमें एक-दूसरे का साथ देना चाहिए."

जात-पात और विवादों से ऊपर उठने की जरूरत: अमित सैनी ने कहा कि, "दुख की घड़ी में जात-पात या किसी तरह के विवाद को बीच में नहीं लाना चाहिए. कलाकारों को आपसी विवादों में पड़ने के बजाय अपनी कला और समाज के प्रति जिम्मेदारी पर ध्यान देना चाहिए. “जब किसी परिवार पर दुख आता है तो वहां जात-पात का कोई मुद्दा नहीं होना चाहिए. अंकित बालियान से उनकी केवल एक बार मुलाकात हुई थी, लेकिन वे उन्हें एक अच्छे कलाकार के रूप में जानते थे. "

बिंदर दनौदा ने गन कल्चर पर जताई चिंता: वहीं, हरियाणवी कलाकार बिंदर दनौदा ने अंकित बालियान को श्रद्धांजलि देते हुए हरियाणा में बढ़ते गन कल्चर पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि, "कलाकारों की भी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसे गीतों और कंटेंट को बढ़ावा न दें, जिनका युवाओं की सोच पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. अगर युवाओं को लगातार बंदूक और हथियारों को बढ़ावा देने वाले गाने सुनाए जाएंगे तो उसका असर उनकी सोच पर पड़ सकता है. युवा जोश में आकर गलत फैसले ले सकते हैं. ऐसे में कलाकारों को यह समझना होगा कि उनके गीत और कंटेंट समाज पर किस तरह का प्रभाव डालते हैं."

कलाकारों को समझनी होगी सामाजिक जिम्मेदारी: बिंदर दनौदा ने कहा कि, "गीतों में बार-बार बंदूक, गोली और कब्जे जैसी बातों को महिमामंडित करने से युवाओं के बीच गलत प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिल सकता है. कलाकारों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, क्योंकि हमारी कला और हमारे शब्दों का असर समाज और युवाओं पर पड़ता है. वे जल्द ही अंकित बालियान के परिवार से मिलेंगे और उनके पिता से मुलाकात करेंगे. इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा होना उनकी जिम्मेदारी है और कलाकार समाज को भी इसी तरह की संवेदनशीलता दिखानी चाहिए."

हिसार पहुंची "यमुना पुत्र अंगद" की टीम: इसी दौरान हरियाणवी सिनेमा को मजबूत करने की मुहिम के तहत बनी फिल्म "यमुना पुत्र अंगद" की टीम भी हिसार पहुंची. यहां हरियाणा के कई जाने-माने कलाकारों ने एक साथ फिल्म देखी और इसके बाद फिल्म की जमकर सराहना की.

हरियाणा की मिट्टी और रिश्तों की कहानी: कलाकारों के अनुसार फिल्म में हरियाणा की मिट्टी, रिश्तों की अहमियत, भाई-बहन का प्यार और दोस्तों की दोस्ती को प्रमुखता से दिखाया गया है. टीम ने कहा कि फिल्म अपनी जमीन और संस्कृति से जुड़े रहने के जज्बे की कहानी भी है. फिल्म को 1990 के दशक में यमुना क्षेत्र में सक्रिय रेत माफिया की पृष्ठभूमि पर बनाया गया एक्शन-थ्रिलर बताया गया है. फिल्म देखने के बाद कलाकारों ने कहा कि यह पूरी तरह पारिवारिक फिल्म है, जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है.