Government School Innovation: भिवानी के वीर शहीद कैप्टन ओपी दलाल स्कूल में शिक्षा, खेल और संस्कारों का अनूठा संगम
चांग। गांव घुसकानी के वीर शहीद कैप्टन ओपी दलाल राजकीय उच्च विद्यालय में बदलाव की पाठशाला से शिक्षा, खेल, पर्यावरण, स्वच्छता, संस्कार और नशामुक्ति को नया आयाम मिला है। करीब चार साल में 70 से अधिक विद्यार्थियों के जीवन में बदलाव आया है।
विद्यालय में कक्षा छठी से दसवीं तक 100 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शारीरिक शिक्षक विनोद पिंकू पीटीआई पाठशाला की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ग्रामीण बच्चे पढ़ाई के साथ खेल, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और जीवनोपयोगी कौशल सीख रहे हैं। कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाओं और विशेष अभ्यास से जोड़ा जाता है।
परीक्षा की तैयारी के लिए एमसीक्यू आधारित अभ्यास व टेस्ट करवाए जाते हैं। अंग्रेजी करसिव राइटिंग तथा पहले पाठ पढ़ो, लिखो, याद करो, सुनाओ और ईनाम पाओ जैसी गतिविधियों से पढ़ने-लिखने, याद करने और आत्मविश्वास से बात रखने की आदत विकसित की जा रही है। खेलों में नियमित अभ्यास से ग्रामीण प्रतिभाओं को राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है।
इससे विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने पर जोर है। पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जल संरक्षण में भी बच्चों की भागीदारी कराई जा रही है। नशामुक्ति अभियान के जरिए विद्यार्थियों और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। श्रमदान और सामुदायिक सहयोग से विद्यालय को बेहतर बनाने का प्रयास जारी है।
ये हैं बदलाव पाठशाला के सेवा संकल्प
शिक्षा: कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं एवं अभ्यास।
खेल: राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी।
स्वच्छता: श्रमदान एवं स्वच्छ विद्यालय निर्माण।
पर्यावरण: पौधरोपण एवं पौधों का संरक्षण।
जल संरक्षण: जल बचाने के प्रति जागरूकता।
नशामुक्ति: विद्यार्थियों व ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी।
संस्कार एवं अनुशासन: जिम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य का बोध।
सामुदायिक सहयोग: शिक्षक, विद्यार्थी, ग्रामीण, ग्राम पंचायत, जिला परियोजना अधिकारी भिवानी और विधायक बवानीखेड़ा समेत जनप्रतिनिधियों की सहभागिता।
करीब चार साल पहले शुरू किया सेवा संकल्प आज भी जारी है। प्रयास है कि इसे पूरे वर्ष चलने वाले सेवा उत्सव का रूप दिया जाए, जिसमें हर बच्चा सेवा, शिक्षा, खेल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े। इससे बच्चों के जीवन में बदलाव आ रहा है।
विद्यालय को बेहतर बनाने के लिए ग्रामीणों के सहयोग से बच्चों को हर संभव सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। विनोद पिंकू के प्रयास और सभी के सहयोग से विद्यालय में सकारात्मक बदलाव आया है।
ग्रामीण सरकारी विद्यालयों में शिक्षा और खेलों को मजबूत करने के लिए ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। घुसकानी में विद्यार्थियों को खेल, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का काम हो रहा है। ग्रामीणों, पंचायत, स्टाफ और विद्यार्थियों की भागीदारी से विकास को और गति मिल सकती है।
विद्यार्थियों की पढ़ाई, लेखन, स्वच्छता और खेल गतिविधियों पर ध्यान देना सकारात्मक पहल है। बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा विकसित करने के लिए शिक्षक, विद्यार्थी और समुदाय मिलकर काम करें तो इसका प्रभाव और व्यापक होगा।
बदलाव की पाठशाला से स्कूल की शिक्षा, खेल और स्वच्छता गतिविधियों में फर्क दिखाई दे रहा है। बच्चों और ग्रामीणों को साथ लेकर किए जा रहे प्रयासों से विद्यालय के प्रति अपनापन और जिम्मेदारी बढ़ी है। पंचायत और ग्रामीण विकास में सहयोग जारी रखेंगे।
विनोद पिंकू बच्चों को खेलों के साथ रोजगारपरक शिक्षा, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा संस्कृति और संस्कारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए यह सराहनीय पहल है।
शिक्षा और खेलों को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्र से प्रतिभावान खिलाड़ी निकल सकते हैं। बदलाव की पाठशाला रोजगार के नए अवसरों की दिशा में भी काम कर रही है। खेल स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ रोजगार का माध्यम भी बन चुका है।