Masters National Swimming Championship: बहादुरगढ़ की शिक्षिका मंजू दहिया ने तैराकी में गाड़े झंडे, जीते दो मेडल

खरहर स्कूल की गणित लेक्चरर मंजू दहिया ने 22वीं मास्टर्स नेशनल स्विमिंग प्रतियोगिता में जीते दो कांस्य पदक। इलाके में जश्न का माहौल।
 
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बहादुरगढ़ : शिक्षण के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट पहचान बनाने के बाद अब खेल जगत में भी बहादुरगढ़ का डंका बज रहा है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, खरहर  की गणित विषय की लेक्चरर मंजू दहिया ने 22वीं मास्टर्स नेशनल स्विमिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो कांस्य पदक अपने नाम किए हैं।

उन्होंने 200 मीटर बैक और 400 मीटर आईएम इवेंट में कांस्य पदक जीते हैं। मास्टर्स नेशनल स्विमिंग प्रतियोगिता एचएल सिटी बहादुरगढ़ स्थित चैंपियंस एक्वेटिक एकेडमी के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में इसी माह आयोजित की गई थी। उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल और शिक्षा विभाग, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।मैडल जीतकर लौटने पर स्कूल परिसर में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।

इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी *रतींद्र सिंह , खंड शिक्षा अधिकारी शेर सिंह और विद्यालय की प्रिंसिपल रितु चोपड़ा ने मंजू दहिया को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया और आगामी एशियन मास्टर्स स्विमिंग प्रतियोगिता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। समारोह में ग्रामीण और सामाजिक जनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

गांव की सरपंच पिंकी देवी  और ग्रामीणों ने पदक विजेता अध्यापिका का स्वागत किया। समाजसेवी प्रदीप राठी ने मंजू दहिया को 5,100 की नकद राशि* भेंट कर उनके इस प्रेरणादायक प्रयास की सराहना की। मंजू दहिया का शैक्षणिक रिकॉर्ड हमेशा से ही अव्वल रहा है। उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि लगन और कठिन परिश्रम के बल पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने न केवल विद्यार्थियों को गणित जैसे कठिन विषय को सरल तरीके से पढ़ाया है, बल्कि खुद एक मिसाल बनकर यह दिखाया है कि खेलकूद और पढ़ाई दोनों में संतुलन कैसे बनाया जाता है। स्वागत से अभिभूत होकर मंजू दहिया ने सभी का हृदय से धन्यवाद किया।

उन्होंने भविष्य में भी स्कूल, जिला और शिक्षा विभाग का नाम इसी तरह रोशन करते रहने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, उन्होंने अपने स्कूल के समस्त स्टाफ, विद्यार्थियों और विशेष तौर पर ग्रामीणों का उनका हौसला बढ़ाने के लिए आभार व्यक्त किया। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि यदि हौसले बुलंद हों, तो महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़ सकती हैं।