Bahadurgarh Truck Union News: पर्यावरण सुरक्षा के साथ रोजी-रोटी का भी ध्यान रखे सरकार: बहादुरगढ़ में बोले कांग्रेस नेता प्रदीप यादव
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से पुराने डीजल वाहनों और BS-VI से नीचे के वाहनों के संचालन पर लगाए गए सख्त प्रतिबंधों से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। लाखों रुपये का कर्ज लेकर कारोबार शुरू करने वाले ट्रक मालिकों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।
ट्रक संचालकों की जमीनी समस्याएं जानने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वेद प्रधान, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष सीटू बराही, हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेश मीडिया चेयरमैन प्रदीप यादव, शहरी ब्लॉक अध्यक्ष कमल अरोड़ा तथा अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता बादली रोड स्थित शिव टर्बो ट्रक यूनियन पहुंचे और वहां पदाधिकारियों से संवाद किया।
⚠️ बैंक की किश्तें और कर्मचारियों का खर्च उठाना हुआ मुश्किल: ट्रक यूनियन महासचिव प्रवीण मान
ट्रक यूनियन के महासचिव प्रवीण मान एवं अन्य पदाधिकारियों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि:
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लाखों का निवेश: ट्रक खरीदते समय मालिक लाखों रुपये बैंक से कर्ज लेकर निवेश करते हैं और सरकार के नियमानुसार पंजीकरण शुल्क व टैक्स जमा करते हैं।
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अधूरी अवधि में बैन: दिल्ली-NCR में 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर अचानक प्रतिबंध लगने के कारण 15 साल की निर्धारित पंजीकरण अवधि पूरी होने से पहले ही वाहनों को खड़ा करना पड़ रहा है।
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आर्थिक संकट: इससे बैंक की किश्तें चुकाना, ड्राइवर-क्लीनर का खर्च उठाना और परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।
📢 पर्यावरण रक्षा के साथ लोगों की रोजी-रोटी का भी ध्यान रखे सरकार: प्रदीप यादव
हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेश मीडिया चेयरमैन प्रदीप यादव और ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष सीटू बराही ने कहा कि प्रदूषण कम करना और पर्यावरण का संरक्षण करना बेहद जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों की आर्थिक रीढ़ तोड़ना उचित नहीं है।
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रोजी-रोटी का संतुलन: सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण सुरक्षा और लोगों की आजीविका, दोनों में संतुलन बनाकर काम करे।
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टैक्स रिफंड और समायोजन: जब सरकार 15 साल का पूरा टैक्स और फीस वसूलती है, तो 10 साल में वाहन बैन होने पर बचे हुए 5 साल के पात्र टैक्स का रिफंड या नए वाहन में समायोजन (Adjustment) की व्यवस्था करनी चाहिए।
💳 BS-VI प्रतिबंध और टोल पास की सुविधा न मिलने से बढ़ रहा घाटा: कमल अरोड़ा
शहरी ब्लॉक अध्यक्ष कमल अरोड़ा ने ट्रांसपोर्ट व्यवसाय की अन्य व्यवहारिक समस्याओं पर प्रकाश डाला:
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BS-VI प्रतिबंध: दिल्ली में BS-VI से नीचे के व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगने से माल ढुलाई ठप हो रही है। सरकार को नए वाहन खरीदने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।
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टोल पास की मांग: ट्रक चालकों को मासिक टोल पास (Monthly Toll Pass) की सुविधा नहीं मिलने के कारण बार-बार पूरा टोल देना पड़ता है, जिससे परिचालन लागत काफी बढ़ गई है।
📋 ट्रांसपोर्ट कारोबार को बचाने के लिए की गईं प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं और ट्रक यूनियन पदाधिकारियों ने सरकार से निम्नलिखित मांगों पर तुरंत कदम उठाने की अपील की:
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वाहन प्रतिबंध संबंधी नीतियों की पुनर्समीक्षा की जाए और व्यावहारिक राहत दी जाए।
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निर्धारित अवधि से पहले बंद किए गए वाहनों के शेष टैक्स का समायोजन या रिफंड दिया जाए।
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ट्रांसपोर्टरों को नया वाहन खरीदने के लिए रियायती ऋण और पर्याप्त समय दिया जाए।
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ट्रक संचालकों के लिए सुलभ मासिक टोल पास की व्यवस्था लागू की जाए।
इस अवसर पर हरबीर जून, कपिल, आशु, मनोज, अनार, साहिल, विशाल, रामावतार, संजय प्रधान, संजय पंडित, अमित, राजबीर, जयकरण, सतीश, अशोक सहित अनेक ट्रक यूनियन पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।