Haryana Stray Cattle Problem Ballabgarh News Today: सड़क पर घूमते आवारा सांड बने जान का खतरा, बल्लभगढ़ की घटना ने बढ़ाई लोगों की चिंता

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित आदर्श नगर में दो सांडों के बीच खतरनाक लड़ाई का सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ है। आवारा पशुओं के आतंक से लोग दहशत में हैं।
 
Adarsh Nagar Ballabgarh News

बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित आदर्श नगर में दो सांडों के बीच हुई खतरनाक और खौफनाक लड़ाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मलेरना रोड के पास एक तंग गली में अचानक दो सांड आपस में इस कदर भिड़ गए कि वहां आसपास मौजूद लोगों में भारी अफरा-तफरी मच गई। दोनों सांड एक-दूसरे पर आक्रामक तरीके से सींगों से हमला करते हुए टक्कर मार रहे थे। स्थिति इतनी भयानक थी कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत अपने घरों के अंदर छिपना पड़ा। यह पूरी डरावनी घटना गली में लगे एक सीसीटीवी कैमरे (CCTV Footage) में कैद हो गई।

⏰ शाम करीब 7 बजे का वाकया; अचानक गली में घुसे लड़ने वाले सांड

सामने आए सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, यह घटना 28 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे की है। इसी दौरान दो सांड आपस में लड़ते-झगड़ते अचानक एक आवासीय गली के भीतर आ घुसे। दोनों पशु लगातार एक-दूसरे पर हमला करते और पीछे धकेलते रहे। सांडों की यह खौफनाक लड़ाई देखकर आसपास मौजूद लोगों की सांसें अटक गईं। अचानक हुए इस घटनाक्रम से किसी को समझ नहीं आ रहा था कि वे इन दोनों लड़ते हुए सांडों को आखिर कैसे अलग करें।

🪵 लाठी-डंडे लेकर बाहर निकले लोग; अपनी जान बचाकर भागे नागरिक

सांडों के इस उत्पात को रोकने और उन्हें शांत करने के लिए स्थानीय साहसी लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर अपने घरों से बाहर निकले:

  • खदेड़ने का प्रयास: लोगों ने दोनों सांडों को आपस में अलग करने और उन्हें तुरंत गली से बाहर भगाने का पूरा प्रयास किया।

  • उल्टा दौड़े सांड: हालांकि, इस दौरान सांड भड़क गए और लोगों की तरफ ही दौड़ पड़े। अपनी ओर तेजी से आते सांडों को देख लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

  • घरों में ली शरण: कई लोगों ने घरों के अंदर घुसकर बमुश्किल अपनी जान बचाई। काफी मशक्कत और सूझबूझ के बाद दोनों सांडों को उस गली से बाहर खदेड़ा जा सका।

⚠️ आवारा पशुओं से लोगों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

शहर की मुख्य सड़कों और तंग गलियों में खुलेआम घूमने वाले आवारा पशु आम जनता और राहगीरों के लिए लगातार सिरदर्द और गंभीर परेशानी का सबब बने हुए हैं।

  • आए दिन ये आवारा पशु राहगीरों और बुजुर्गों पर अचानक हमला कर देते हैं, जिससे लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।

  • इसके अलावा, मुख्य सड़कों पर अचानक पशुओं के आ जाने से वाहन चालकों के साथ रोजाना सड़क हादसे होने का बड़ा खतरा बना रहता है। ऐसे कई हादसों में लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं।

नगर निगम (Municipal Corporation) की ओर से समय-समय पर आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए बड़े-बड़े अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। गलियों और सड़कों पर इनकी बेरोकटोक मौजूदगी आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए ने मांग की है कि नगर निगम आवारा पशुओं को स्थायी रूप से पकड़ने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाए, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनहोनी या दुर्घटना से बचा जा सके।