बवानीखेड़ा मर्डर केस: 6 साल पुरानी रंजिश में कैदी की हत्या, 4 गिरफ्तार

बवानीखेड़ा में पैरोल पर आए कैदी की 15 हमलावरों ने पीट-पीटकर की हत्या। 6 साल पुरानी रंजिश का है मामला। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जांच जारी।

 
हरियाणा रंजिश मर्डर

बवानीखेड़ा। बवानीखेड़ा कस्बे में रविवार रात हत्या के बदले हत्या का खौफनाक मंजर देखने को मिला। बलजीत की हत्या की यह वारदात छह साल पुरानी रंजिश का नतीजा बताई जा रही है। रविवार रात कस्बा की सड़क खून से सन गई और करीब 15 हमलावरों ने दोनों को घेरकर बेरहमी से हमला किया। चिल्लाने पर भी कोई बीच बचाव को नहीं पहुंचा।

33 वर्षीय बलजीत और उसके साथी 30 वर्षीय मोनू पर रविवार रात कस्बा बवानीखेड़ा के नागरिक अस्पताल से घर लौटते समय रास्ते में करीब 15 लोगों ने लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और नुकीले हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बलजीत की मौके पर ही मौत हो गई जबकि मोनू की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जिला नागरिक अस्पताल भिवानी में चल रहा है।

पुलिस और परिजनों के अनुसार यह हमला करीब छह साल पुरानी रंजिश का परिणाम है। करीब छह साल पहले होली के दौरान बलजीत और मोनू का आरोपी 35 वर्षीय प्रीतम से विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद प्रीतम के परिवार के दो लोगों की हत्या कर दी गई थी जिसमें बलजीत और मोनू को दोषी पाया गया था। इस हत्या के मामले में उन्हें 20-20 साल की सजा सुनाई गई थी।

9 मार्च 2020 को दो पक्षों के युवकों के बीच बवानीखेड़ा में होलिका दहन पर प्रह्लाद को निकालने को लेकर विवाद था लेकिन मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करवा दिया था। लगभग 15 मिनट बाद एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष पर चाकू, लाठी, तलवार से हमला कर दिया। इसमें 42 वर्षीय सुरेश देवी व 26 वर्षीय मनबीर की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इसी हत्या के मामले में बलजीत की हत्या की गई है।

इलाज में लापरवाही का भी लगा आरोप
बलजीत के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर सही इलाज मिल जाता तो शायद बलजीत की जान बचाई जा सकती थी। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वालों पर भी कार्रवाई की मांग की है।

तीन भाई बहनों में था सबसे छोटा
बलजीत अपने परिवार में तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसका पिता मेहनत मजदूरी करता है। हत्याकांड में 20 साल की सजा मिलने के बाद वह जिला कारागार भिवानी में बंद था और तीन माह पहले ही जेल से बाहर पैरोल पर आया था। हत्या की वारदात के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है।

वारदात के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। वहीं परिजनों के बयान दर्ज कर इस संबंध में हत्या की संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ अभियोग दर्ज किया है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह हत्या पुरानी रंजिश के चलते हुई है क्योंकि मृतक खुद भी एक हत्या के मामले में सजा काट रहा था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। इस मामले में चार आरोपी दीपक, प्रीतम, संदीप और राजकुमार निवासी बवानी खेड़ा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।