Behl Fire Incident: भिवानी के बहल में जाइलीन रसायन से भरे नाले में दोबारा भड़की आग, टैंकर पलटने के बाद मची अफरातफरी

भिवानी के बहल में रसायन से भरे नाले में दोबारा लगी आग। टैंकर पलटने के बाद केमिकल रिसाव से दहशत, प्रशासन ने शुरू किया काम।
 
chemical leak Bhiwani

भिवानी। बहल में गुजरात से सोनीपत जा रहे टैंकर के पलटने से रिसे रसायन जाइलीन से भरे नाले में मंगलवार फिर आग भड़क गई। सुरपुरा रोड स्थित नाले में छह घंटे के अंतराल में दो बार आग लगी जिससे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। पानी पर तैरते रसायन से उठती आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर लोगों ने दमकल विभाग को सूचित किया। भिवानी से करीब एक घंटे बाद पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया।

राजगढ़ मोड़ पर रविवार रात करीब 12 बजे टैंकर पलट गया था। इससे जाइलीन का रिसाव होने लगा। रातभर इसका पता नहीं चला। सुबह अज्ञात कारणों से रसायन में आग भड़क गई और टैंकर के अलावा आसपास स्थित करीब एक दर्जन खोखों व रेहड़ियों को चपेट में ले लिया। मंगलवार को मौके पर पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए हैं। नाले में भरे रसायन को नहीं हटाया। इसकी वजह से आग भड़क गई है। सुरपुरा रोड निवासी पवन और सुरेश ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे नाले में एक जगह आग लगी और दस मिनट बाद कुछ दूरी पर भी लपटें उठने लगीं। दोपहर करीब तीन बजे आईटीआई के पास नाले में आग लग गई।

सुरपुरा रोड पर गड्ढा खोदकर पानी निकासी की तैयारी
आग बुझने के बाद एसडीएम मनोज दलाल की मौजूदगी में सुरपुरा रोड पर गड्ढा खोदने का काम शुरू किया गया। एसडीएम ने बताया कि इस गड्ढे में नाले के पानी की निकासी कर बाद में मिट्टी भर दी जाएगी।

सोशल मीडिया पर फोटो प्रसारित कर लोगों ने उठाए सवाल
सुरपुरा रोड के नाले में आग लगने के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर लोगों ने कहा कि प्रशासन को सोमवार को ही नाले की सफाई करा लेनी चाहिए थी। लोगों ने बहल में दमकल केंद्र स्थापित करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि जिला मुख्यालय से दमकल गाड़ी को बहल पहुंचने में करीब एक घंटा लग जाता है। कस्बे में ही दमकल केंद्र होगा तो समय रहते आग पर काबू पाया जा सकता है।

दहशत में लोग, स्थायी समाधान की मांग
सुरपुरा रोड के नाले में भरे रसायन में आग लगने से लोगों में भय का माहौल है। राकेश और रमेश ने बताया कि दिन में आग लगने का पता चल जाता है और प्रशासन उस पर काबू पा लेता है। रात में आग लगने पर बड़े नुकसान की आशंका है। प्रशासन को नाले की पूरी सफाई करवानी चाहिए। सोमवार को रसायनयुक्त पानी की आपूर्ति हुई थी
टैंकर पलटने वाली जगह से सुरपुरा रोड तक दूषित पानी की निकासी के लिए नाला बना है। रसायन को आगे फैलने से रोकने के लिए नाले में मिट्टी डालते समय जेसीबी से जलघर से बूस्टिंग स्टेशन तक पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन कट गई थी। कर्मचारियों ने इसे देखे बिना जलघर से बूस्टिंग टैंक में पानी डाल दिया और यही पानी सोमवार को कस्बे के कुछ क्षेत्रों में सप्लाई कर दिया। लोगों ने बदबूदार पानी दिए जाने की शिकायत की, तब लाइन बंद कर टैंक खाली किया गया।

नाले से पानी की निकासी के लिए गड्ढा बनाया है। इसमें से पानी को भरा जाएगा, ताकि नाले फिर से आग न लगे। गड्ढे को बाद में मिट्टी से भर दिया जाएगा। सभी विभागों से तालमेल बनाकर काम किया जा रहा है।