भिवानी में 7.5 लाख बीपीएल कार्डधारकों को नहीं मिला सरसों तेल, राशन डिपो के चक्कर काट रहे लोग
भिवानी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत 7.49 लाख लाभार्थियों को अगस्त माह में सरसों तेल का आवंटन नहीं मिला है। गेहूं और चीनी के वितरण के बीच तेल को लेकर असमंजस बरकरार है।
भिवानी। जिले के 7,49,694 गरीब लाभार्थियों की रसोई में हर माह लगने वाले सरसों तेल के तड़के पर फिलहाल संशय के बादल छाए हैं। अगस्त माह में खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को सरसों तेल का आवंटन नहीं मिला है। विभागीय अधिकारियों के पास भी इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत इस माह सरसों तेल मिलेगा या नहीं।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि यदि तेल नहीं मिलेगा तो उसकी राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी या नहीं। अगस्त के पहले सप्ताह में सामान्य तौर पर राशन वितरण शुरू हो जाता है। फिलहाल सितंबर और अक्तूबर माह के गेहूं का वितरण अगस्त में किया जाएगा और अगस्त माह की चीनी भी मिलेगी लेकिन सरसों तेल को लेकर अधिकारी और उपभोक्ता दोनों असमंजस में हैं।
जिले में 2,00,117 बीपीएल राशन कार्ड हैं जिन पर 7,49,694 सदस्य शामिल हैं। इनमें 35,172 अंत्योदय परिवार और 1,87,011 स्टेट बीपीएल परिवार हैं। इन परिवारों को जिले के 451 सरकारी राशन डिपो के माध्यम से हर माह मुफ्त गेहूं तथा रियायती दर पर दो लीटर सरसों तेल और एक किलोग्राम चीनी उपलब्ध कराई जाती रही है।
फिलहाल सितंबर और अक्तूबर माह के गेहूं का दो माह का आवंटन डिपो पर भेजा जा चुका है और इसका वितरण जल्द शुरू होगा। हालांकि सरसों तेल के आवंटन को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है क्योंकि मुख्यालय से न तो कोई पत्र जारी हुआ है और न ही आवंटन मिला है। दूसरी ओर गरीब परिवार सरसों तेल की जानकारी के लिए लगातार राशन डिपो के चक्कर लगा रहे हैं। डिपो पर उन्हें यह कहकर वापस भेजा जा रहा है कि अब सरसों तेल के स्थान पर उसके बराबर की राशि बैंक खाते में भेजी जाएगी। हालांकि यह राशि कब और किस खाते में आएगी इस बारे में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
अब सितंबर और अक्तूबर माह का गेहूं आया है लेकिन सरसों तेल नहीं पहुंचा। सरसों तेल गरीब परिवारों की रसोई के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि बाजार में इसकी कीमत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इसकी आपूर्ति बंद होने से गरीब परिवारों के सामने विकट स्थिति पैदा हो जाएगी।
सरकारी डिपो पर अभी तक सरसों तेल नहीं मिला है। पहले अगस्त के पहले सप्ताह में ही राशन पहुंच जाता था लेकिन इस बार सरसों तेल को छोड़कर बाकी राशन पहुंचने लगा है। यदि बैंक खाते में राशि आएगी तो किसके खाते में आएगी, इसकी भी कोई जानकारी नहीं है।
महंगाई के दौर में सरकार से मिलने वाले सस्ते सरसों तेल से ही गरीबों की रसोई में तड़का लगता था। अब तेल नहीं मिलने की आशंका लोगों के मन में घर कर गई है। इसी तेल से रोज घर में सब्जी बनती थी। अब बाजार से महंगा तेल खरीदना पड़ेगा। गैस सब्सिडी की तरह सरसों तेल की राशि भी नियमित मिलेगी या नहीं इसे लेकर भी संशय है।
सरसों तेल को लेकर असमंजस अभी दूर नहीं हुआ है। बाजार में सरसों तेल काफी महंगा है। यदि बैंक खाते में राशि भी आती है तो उससे हर माह दो लीटर सरसों तेल खरीद पाना मुश्किल होगा। सरकार को इसकी आपूर्ति जारी रखनी चाहिए ताकि गरीब परिवारों की रसोई का तड़का बना रहे।
अगस्त माह में सरसों तेल के आवंटन को लेकर अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। न ही मुख्यालय से इसकी आपूर्ति बंद करने संबंधी कोई निर्देश प्राप्त हुए हैं। फिलहाल सितंबर और अक्तूबर माह के गेहूं का आवंटन डिपो पर भेजा जा रहा है और इसका वितरण जल्द शुरू होगा। जुलाई और अगस्त माह का राशन पिछले महीने ही वितरित किया जा चुका है। सरसों तेल की आपूर्ति आगे भी जारी रहेगी या नहीं इस संबंध में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

