भिवानी: जर्जर सड़कों पर बिना निर्माण के लगे साइन बोर्ड; जिला परिषद की बैठक में हंगामा

भिवानी के गांव चांग में सड़क निर्माण से पहले साइन बोर्ड लगाने का मुद्दा गरमाया। पार्षद प्रतिनिधि ने अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए। मुख्यालय से मंजूरी का इंतज़ार।

 
जर्जर संपर्क मार्ग भिवानी

भिवानी। गांव चांग से अन्य गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों की सुध लेने के बजाय विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से साइन बोर्ड लगाने का मामला तूल पकड़ गया है। चांग से खरक और चांग से रेवाड़ीखेड़ा तक जर्जर सड़कों पर निर्माण कार्य शुरू किए बिना ही साइन बोर्ड लगाए जाने का मुद्दा सोमवार को जिला परिषद की बैठक में वार्ड नंबर तीन से पार्षद प्रतिनिधि लवकेश उर्फ बंटी तंवर ने अधिकारियों के सामने उठाया।

दरअसल गांव चांग से खरक और चांग से रेवाड़ीखेड़ा तक जर्जरहाल सड़कों पर बिना काम हुए ही नए साइन बोर्ड लगा दिए गए। इस पर जिला परिषद तकनीकी विंग के अधिकारियों का तर्क है कि ये केवल साइन बोर्ड हैं और सड़क निर्माण का मसौदा प्रशासनिक मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

जिला परिषद के वार्ड नंबर तीन से पूनम देवी जिला पार्षद चुनी हुई हैं। पार्षद प्रतिनिधि लवकेश तंवर उर्फ बंटी ने बताया कि उनके वार्ड में जिला परिषद द्वारा एक-एक करोड़ रुपये के बजट से करीब पांच संपर्क मार्गों के नवीनीकरण का कार्य कराया जा चुका है। इनमें चांग से मिताथल तक तीन किलोमीटर, हरसुख ढाणी से कालुवास गांव तक तीन किलोमीटर, गांव कलिंगा से बसाना गांव तक करीब चार किलोमीटर, गांव चांग से बड़सेरा तक करीब तीन किलोमीटर तथा गांव सैय से ढाणी सूरत वाया सैय रिवाड़ीखेड़ा तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़कों का नवीनीकरण कार्य पूरा हो चुका है। इन सड़कों पर विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से साइन बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं।

लेकिन गांव चांग से खरक तक करीब साढ़े नौ किलोमीटर लंबी सड़क आज भी खस्ताहाल बनी हुई है। इसी तरह चांग से रेवाड़ीखेड़ा तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी सड़क की भी कोई सुध नहीं ली गई है। हैरानी की बात यह है कि इन बदहाल सड़कों पर ही विकास एवं पंचायत विभाग ने नए साइन बोर्ड लगा दिए जबकि सड़क निर्माण करना अधिकारी भूल गए। अधिकारियों को जब जिला परिषद की बैठक में सड़क निर्माण की याद दिलाई गई तो वे अपने ही तर्क देते नजर आए।

लवकेश तंवर ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है और जनप्रतिनिधियों को जवाब देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सड़कों के नवीनीकरण के लिए जिला परिषद के माध्यम से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन अधिकारी केवल साइन बोर्ड लगाकर खस्ताहाल सड़कों की सुध भी नहीं ले रहे हैं।

विभाग की तरफ से सड़क पर आम जनता की सुविधा के लिए साइन बोर्ड लगाए गए हैं। चांग से खरक तक करीब साढ़े 9 किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग के नवीनीकरण का करीब सवा दो करोड़ रुपये का मसौदा मुख्यालय प्रशासनिक मंजूरी के लिए भेजा हुआ है। इसके अलावा अन्य संपर्क मार्ग निर्माण की प्रशासनिक मंजूरी की फाइल मुख्यालय जा चुकी है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही इनके टेंडर और निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। पार्षद प्रतिनिधि की तरफ से जिला परिषद बैठक में यह मामला उठाया गया था जिस पर उन्हें अवगत भी कराया गया था।


जिला परिषद के तहत मेरे वार्ड में करोड़ों के बजट से विकास कार्य करवाए गए हैं लेकिन जिला परिषद की तकनीकी विंग के अधिकारियों ने अभी तक चांग से खरक और चांग से रेवाड़ीखेड़ा के मुख्य संपर्क मार्ग का नवीनीकरण का काम नहीं कराया है। इस मार्ग की हालत काफी अर्से से खस्ताहाल बनी हुई है जिस पर रोजाना हजारों लोगों का आवागमन बना रहता है। मैं जिला परिषद के अधिकारियों से अनुरोध करता हूं कि वे साइन बोर्ड लगाने के बजाय सड़कों की हालत सुधारने पर ध्यान दे ताकि जनता को अधिक लाभ मिल सके।