Bhiwani News: भिवानी नागरिक अस्पताल के 'महिला क्लिनिक' में मुफ्त कैंसर स्क्रीनिंग और जांच, जानें सुविधाएं
भिवानी के चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल में महिला क्लिनिक शुरू। 9 से 65 वर्ष की महिलाओं को मिलेगी मुफ्त जांच, कैंसर स्क्रीनिंग व परामर्श की सुविधा।
भिवानी। चौधरी बंसीलाल जिला नागरिक अस्पताल में संचालित महिला क्लिनिक महिलाओं के इलाज में सुविधाजनक साबित हो रहा है। यहां महिलाओं को लंबी कतारों से राहत मिलने के साथ स्वास्थ्य जांच, कैंसर स्क्रीनिंग और पोषण संबंधी परामर्श की निशुल्क सुविधा मिल रही है। हालांकि जागरूकता के अभाव में अभी अपेक्षाकृत कम महिलाएं इस क्लिनिक का लाभ उठा रही हैं।
इसके चलते पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में महिला मरीजों की भीड़ बनी रहती है। शहर के चौधरी बंसीलाल जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कक्ष के पास ''स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार'' अभियान के तहत महिला क्लिनिक संचालित किया जा रहा है। यहां नौ से 65 वर्ष तक की महिलाओं को स्वास्थ्य जांच, कैंसर स्क्रीनिंग और पोषण संबंधी परामर्श निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सोमवार दोपहर एक बजे तक 44 महिलाओं ने इस क्लिनिक में स्वास्थ्य जांच करवाई, जबकि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 150 से अधिक महिला मरीज उपचार के लिए पहुंचीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 29 मई 2026 से प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में महिला क्लिनिक शुरू किए हैं। इसी योजना के तहत भिवानी के नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कक्ष के पास महिला क्लिनिक संचालित किया जा रहा है ताकि महिलाओं को स्वास्थ्य जांच के लिए अलग और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।
क्या है महिला क्लिनिक
नागरिक अस्पताल में आने वाली महिला मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से यह विशेष महिला क्लिनिक संचालित किया जा रहा है। अल्ट्रासाउंड केंद्र के पास शुरू किए गए इस क्लिनिक से सामान्य ओपीडी की लंबी कतारों और भीड़ से महिलाओं, विशेषकर गर्भवतियों को राहत मिली है।
महिला क्लिनिक से मिल रहे ये लाभ
महिलाओं को यहां अलग और सुरक्षित वातावरण मिलता है जहां वे बिना झिझक अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं चिकित्सकों से साझा कर सकती हैं। अलग व्यवस्था होने से चिकित्सक प्रत्येक गर्भवती महिला पर बेहतर ढंग से ध्यान दे पा रहे हैं। मरीजों को दवा और परामर्श एक ही स्थान पर मिल रहा है तथा नियमित जांच और टीकाकरण जैसी सुविधाएं भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि महिलाओं को सामान्य ओपीडी की लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ता, जिससे समय की भी बचत होती है।

