Bhiwani Water Supply Issue: टैंकों में उगी हरियाली और गंदगी पहुंच रही लोगों के घरों तक, प्रशासन के खिलाफ रोष

भिवानी के डाबर कॉलोनी जलघर के टैंकों में पांच से छह फीट गाद और हरियाली जम गई है। पार्षदों ने सफाई न होने पर 11 अक्टूबर को प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

 
Bhiwani municipal councillors protest

हरियाणा के भिवानी शहर की करीब 60 फीसदी आबादी को पेयजल की आपूर्ति करने वाले महत्वपूर्ण डाबर कॉलोनी जलघर के टैंकों की बदहाली इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। तोशाम बाईपास स्थित जूई नहर के पास बने इस जलघर के पानी के टैंकों में पांच से छह फीट तक गाद (सिल्ट) जमा हो चुकी है। स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि इस गाद के ऊपर लंबी बेलें और हरियाली तक उग आई है। स्थानीय पार्षदों का गंभीर आरोप है कि जल शोधन के दौरान यही गंदा पानी और गंदगी पाइपलाइनों के जरिए सीधे शहरवासियों के घरों तक पहुंच रही है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

⚠️ निर्माण के बाद से नहीं हुई नियमित सफाई: दूर से खेत जैसे नजर आते हैं पानी के टैंक

नगरपरिषद पार्षद सुभाष तंवर और संदीप यादव ने जिला प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त करते हुए जलघर के टैंकों की जल्द से जल्द साफ-सफाई करवाने की पुरजोर मांग की है। पार्षदों का कहना है कि नहर किनारे जलघर बनाने का मूल उद्देश्य शहरवासियों को शुद्ध और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना था, लेकिन निर्माण के बाद से कभी भी नियमित रूप से इनकी सफाई नहीं कराई गई। नतीजा यह है कि आज टैंकों के अंदर गाद की इतनी मोटी परत जम चुकी है कि वे दूर से जलघर के बजाय किसी बंजर या हरियाली से भरे खेत जैसे दिखाई देते हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

📢 11 अक्टूबर को जलघर परिसर में होगा जोरदार प्रदर्शन: पार्षदों और शहरवासियों ने किया हुंकार

प्रशासन की इस लचर कार्यशैली और टालमटोल रवैये से नाराज पार्षदों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द टैंकों की सफाई कराकर पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की गई, तो आगामी 11 अक्टूबर को सुबह 10 से 11 बजे तक डाबर कॉलोनी जलघर परिसर में ही विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में नगरपरिषद के कई पार्षदों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आम शहरवासियों के भी शामिल होने का आह्वान किया गया है, ताकि प्रशासन गहरी नींद से जागे।