Eye Infection Alert: पसीने और धूल से आंखों में हो रही गंभीर समस्या, डॉक्टर ने दी चेतावनी

भिवानी में गर्मी और उमस के कारण आंखों के संक्रमण के मामलों में भारी बढ़ोतरी। राजकीय नेत्र अस्पताल में 40-50% मरीज बढ़े। जानिए बचाव के उपाय।
 
नेत्र रोग अस्पताल भिवानी

भिवानी। गर्मी और उमस के मौसम में चेहरे पर आने वाला पसीना अब आंखों के संक्रमण का बड़ा कारण बन रहा है। पसीने के साथ धूल, बैक्टीरिया और लवण आंखों तक पहुंचने से फंगल इंफेक्शन, एलर्जी, आंखों में जलन, खुजली, लालिमा, सूजन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

इसका असर जिले के राजकीय नेत्र अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भी साफ दिखाई दे रहा है जहां इन दिनों नेत्र रोगियों की संख्या में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है और प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत ने बताया कि गर्मी और उमस के मौसम में लगातार पसीना आने से लोग अनजाने में गंदे हाथों या रुमाल से बार-बार आंखें पोंछते हैं।

इससे हाथों और कपड़े पर मौजूद धूल, बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्म जीव आंखों की पारदर्शी सतह (कॉर्निया) तक पहुंच जाते हैं। इसके कारण आंखों में जलन, खुजली, लालिमा, सूजन और दर्द की समस्या शुरू हो जाती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर संक्रमण बढ़ने से दृष्टि भी प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने बताया कि इन दिनों राजकीय नेत्र अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की नेत्र ओपीडी में प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की है जो पसीने और संक्रमण के कारण आंखों में सूजन, तेज दर्द और धुंधलेपन की शिकायत लेकर आते हैं। सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या में 40 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। सुबह से ही पर्चा काउंटर और डॉक्टरों के कमरों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं।

डॉ. हरजीत ने कहा कि आंखों में जलन, लगातार खुजली, लालिमा, पानी आना, सूजन, दर्द या धुंधला दिखाई देने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के आई ड्रॉप या अन्य दवाओं का प्रयोग करने से समस्या और गंभीर हो सकती है।

आंखों को संक्रमण से बचाने के लिए रखें ये सावधानी
आंखों को बार-बार हाथों से न छुएं और न ही रगड़ें। आंखों में परेशानी होने पर मेडिकल स्टोर से स्वयं दवा या आई ड्रॉप लेकर इस्तेमाल न करें। बाहर से आने के बाद आंखों को साफ और ठंडे पानी से धोएं। धूप में निकलते समय धूप का चश्मा पहनें ताकि धूल और पसीना सीधे आंखों तक न पहुंचे। चेहरे और आंखों के आसपास का पसीना साफ व सूखे रुमाल या टिश्यू से हल्के हाथों से पोंछें। लगातार जलन, दर्द, लालिमा या धुंधलापन होने पर तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से जांच कराएं।