भिवानी: मंत्री राजेश नागर की सख्ती, पीएचसी स्टाफ पर कार्रवाई के आदेश

भिवानी कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री राजेश नागर ने नकीपुर पीएचसी स्टाफ पर लापरवाही के लिए कार्रवाई के आदेश दिए। बैठक की मुख्य बातों के लिए पढ़ें पूरी खबर।

 
आयुष्मान योजना शिकायत

भिवानी। गांव चहड़ खुर्द निवासी गर्भवती महिला के प्रसव के दौरान कथित लापरवाही बरतने वाले नकीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के स्टाफ के खिलाफ खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। शुक्रवार को पंचायत भवन में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री ने 13 में से 10 परिवादों का मौके पर निपटान किया जबकि तीन मामलों में जांच के निर्देश दिए। बैठक के दौरान डाक विभाग के अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी आदेश दिए गए।

बैठक में मंत्री राजेश नागर ने विभिन्न विभागों से संबंधित परिवादों की सुनवाई की। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि 15 जुलाई तक प्रदेश में चार हजार नए डिपो आवंटित किए जाएंगे जिससे खाद्य वितरण व्यवस्था पहले से अधिक बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम को देखते हुए प्रदेशभर में आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं ताकि जलभराव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इस दौरान भिवानी विधायक घनश्याम सर्राफ, बवानीखेड़ा विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि, डीसी साहिल गुप्ता तथा प्रवर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार मौजूद रहे।

नकीपुर पीएचसी में स्टाफ नर्स पर प्रसव में लापरवाही का आरोप
गांव चहड़ खुर्द निवासी विक्रम ने बताया कि 22 जनवरी को वह अपनी पत्नी मंजू को प्रसव के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नकीपुर लेकर गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार वहां मौजूद स्टाफ नर्स ने महिला चिकित्सक को बुलाने के बजाय चौकीदार तथा अन्य स्टाफ की मदद से प्रसव कराया। आरोप है कि लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई और उसकी पत्नी की जान भी खतरे में पड़ गई। बाद में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी पीएचसी स्टाफ की लापरवाही सामने आई थी। इस पर मंत्री ने स्वास्थ्य अधिकारियों को संबंधित पीएचसी स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

आयुष्मान मामले में शिकायतकर्ता महिला की रिकॉर्डिंग आई सामने
आयुष्मान योजना के तहत इलाज के दौरान पैसे मांगने के मामले की सुनवाई के दौरान नया मोड़ आ गया। शिकायतकर्ता महिला को ही उसके द्वारा पैसे मांगने की रिकॉर्डिंग सुनाई गई। जब मंत्री ने महिला को उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना से अवगत कराया तो वह बैठक से तुरंत चली गई। बाद में मंत्री ने महिला की गलती को माफ करते हुए मामले का निपटारा कर दिया। पिछली बैठक में मंत्री ने आयुष्मान पैनल के नोडल अधिकारी को निलंबित करने के आदेश दिए थे।

डाक विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे, कारण बताओ नोटिस के आदेश
गांव मुंढाल खुर्द निवासी ऋषिकेश के मामले की सुनवाई के दौरान डाक विभाग का कोई भी अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं हुआ। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता ने गांव की डाकघर शाखा में जमाकर्ताओं की राशि में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए थे। मामला वर्ष 2016 का बताया गया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि डाक विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। मंत्री ने कष्ट निवारण समिति के गैर सरकारी सदस्य सोनू सरपंच कलिंगा, राजकुमार तथा कमल फौजी की समिति बनाकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने इन मामलों की भी सुनी शिकायतें
बैठक में मंत्री राजेश नागर ने कीर्ति नगर निवासी संदीप कौशिक तथा फैंसी चौक निवासी धर्म सिंह के परिवादों की सुनवाई की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों की जांच जारी है। नया बाजार निवासी रंजना शर्मा के मामले की सुनवाई के दौरान मामला आपसी सहमति से सुलझ गया। डीसी कॉलोनी निवासी रवि शर्मा की पेयजल संबंधी शिकायत पर मंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गांव सरल निवासी कमला देवी के मामले में बिजली निगम अधिकारियों को प्लॉट से बिजली का पोल हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं गांव पातवान निवासी सुखविंदर के परिवाद पर पुलिस विभाग ने मंत्री को बताया कि मामले का निपटारा हो चुका है।

इंतकाल में देरी मामले की जांच के आदेश
गांव बापोड़ा निवासी संतरा देवी के जमीन संबंधी इंतकाल में देरी के मामले में मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। वहीं ढाणी हरसुख निवासी कृष्ण चंद और विद्या देवी के खेत में खाल पक्का कराने के मामले में संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। विद्यानगर निवासी मीरा और जीताबाई ने उनकी बस्ती में एक मंदिर से ध्वनि प्रदूषण होने तथा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत की। इस पर मंत्री ने गैर सरकारी सदस्य कमल फौजी और विकास काठपालिया को मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करने तथा प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश दिए।