भिवानी: स्वास्थ्य महानिदेशक का औचक निरीक्षण; अस्पतालों में सुधार के कड़े निर्देश
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. ब्रह्मदीप ने भिवानी, तोशाम और बवानीखेड़ा अस्पतालों का निरीक्षण किया। एंबुलेंस पार्किंग, सफाई और स्टाफ समन्वय को लेकर दिए सख्त निर्देश।
भिवानी। हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप ने कहा कि भिवानी जिले में मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं लेकिन कुछ छोटी-छोटी कमियां हैं जिन्हें दूर कर सेवाओं को और बेहतर बनाने की जरूरत है। उन्होंने मंगलवार को सामान्य अस्पताल बवानीखेड़ा, तोशाम तथा चौधरी बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल भिवानी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान डॉ. ब्रह्मदीप ने अस्पताल परिसरों में साफ-सफाई, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं, भवनों की स्थिति तथा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और आवश्यक सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निर्देश हैं कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से भिवानी जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान सीएमओ, पीएमओ और एसएमओ के बीच समन्वय की स्थिति को भी समझा गया।
डॉ. ब्रह्मदीप ने कहा कि भिवानी में मेडिकल कॉलेज और नागरिक अस्पताल के रूप में दो इकाइयां कार्यरत हैं। मरीजों के लिए दोनों इकाइयां समान हैं क्योंकि उन्हें केवल बेहतर उपचार और सुविधाओं से मतलब होता है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि एक ही परिसर में दो संस्थान होने से कार्यों का बंटवारा किया जा सकता है, सुविधाओं का नहीं। इसलिए कार्यों का समुचित विभाजन कर मरीजों को अधिक प्रभावी सेवाएं दी जानी चाहिए।
बवानीखेड़ा अस्पताल में मिली खामियां
बवानीखेड़ा उपमंडल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस पार्किंग व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर तत्काल प्रभाव से एंबुलेंस को आपातकालीन विभाग के समीप शेड के नीचे खड़ा करवाया गया। अस्पताल परिसर में संचालित निजी आधार सेवा केंद्र को अस्पताल से बाहर स्थानांतरित करने के आदेश भी दिए गए। निदेशक ने अस्पताल परिसर की खाली पड़ी भूमि में उगी घास-फूस को एक माह के भीतर साफ करवाने, टूटी हुई चहारदीवारी की मरम्मत कराने तथा ब्लॉक हेल्थ पब्लिक यूनिट से मुख्य द्वार तक कच्चे रास्ते को पक्का करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बीपीएचयू भवन में डिस्प्ले बोर्ड व्यवस्थित ढंग से लगाने, चिकित्सक कक्षों में बैठने की व्यवस्था सुधारने तथा प्रयोगशाला रिपोर्टों में असामान्य परिणामों को लाल निशान से चिह्नित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान एक नागरिक ने अस्पताल में रात्रिकालीन चिकित्सक उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी उठाई, जिस पर निदेशक ने संज्ञान लिया। उन्होंने एसएमओ को प्रतिदिन निरीक्षण रजिस्टर बनाए रखने तथा सभी भवनों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निदेशक ने पाया कि बीपीएचयू में बायोमेडिकल चार्ट सही ढंग से प्रदर्शित नहीं थे। इसके लिए एक माह के भीतर सभी कर्मचारियों का प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में आशा कार्यकर्ता निर्धारित वर्दी में नहीं मिलीं, जिस पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
वेलनेस सेंटर को सार्वजनिक स्थान पर स्थानांतरित करने के दिए आदेश
उन्होंने सुमड़ा खेड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को सार्वजनिक स्थान पर स्थानांतरित करने, भवन की छत की सफाई कराने, मुख्य हॉल में रंग-रोगन करवाने तथा मातृत्व वार्ड में पीपीआईयूसीडी सेवाओं को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जलभराव, साफ-सफाई तथा बेसहारा पशुओं की समस्या पर भी गंभीरता से चर्चा की गई और संबंधित विभागों के सहयोग से निर्धारित समयावधि में समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
तोशाम अस्पताल को हॉटलाइन से जोड़ने के दिए निर्देश
उपमंडल अस्पताल तोशाम के निरीक्षण के दौरान डॉ. ब्रह्मदीप ने कहा कि यह अस्पताल एनक्यूएएस प्रमाणन के लिए आदर्श संस्थान बन सकता है। उन्होंने फ्लोर मार्किंग, फायर एनओसी प्राप्त करने तथा अस्पताल को बिजली की हॉटलाइन से जोड़ने संबंधी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से कार्यरत पाए गए। उन्होंने चिकित्सक डॉ. विनोद पंवार की अनुपस्थिति के दौरान तीन दिन के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से किसी अन्य डेंटल सर्जन की ड्यूटी लगाने के निर्देश भी दिए।

