बढ़ती गर्मी का कहर: भिवानी में BP के मरीजों की संख्या में भारी उछाल
भिवानी मेडिकल कॉलेज में बढ़े ब्लड प्रेशर और डिहाइड्रेशन के मरीज। तेज गर्मी से शरीर में लवणों की कमी का खतरा। विशेषज्ञों की सलाह और बचाव के उपाय यहाँ पढ़ें।
भिवानी। बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। तेज धूप और शरीर से अधिक पसीना निकलने के कारण ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़कर प्रतिदिन 25 से 30 तक पहुंच गई है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर से अत्यधिक पसीना निकलने के कारण आवश्यक लवण (इलेक्ट्रोलाइट्स) भी पसीने के साथ बाहर निकल जाते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और डिहाइड्रेशन की स्थिति बनती है जिसका सीधा असर रक्तचाप पर पड़ता है। कई मरीजों में ब्लड प्रेशर अचानक कम हो जाता है जबकि पहले से उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों की परेशानी और अधिक बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में चक्कर आना, कमजोरी, बेचैनी, अधिक पसीना आना और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव जैसी शिकायतें प्रमुख रूप से देखी जा रही हैं। गंभीर मामलों में मरीजों को आंखों के सामने अंधेरा छाने और बेहोशी जैसी स्थिति का भी सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन नहीं किया जाए तो डिहाइड्रेशन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इससे रक्तचाप असंतुलित होकर स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है।
डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि बुजुर्ग, हृदय रोगी, उच्च रक्तचाप के मरीज और बाहर धूप में काम करने वाले लोग विशेष रूप से जोखिम में रहते हैं। ऐसे लोगों को नियमित अंतराल पर पानी पीना चाहिए तथा शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि गर्मी में प्राकृतिक जूस और अन्य तरल पदार्थों का सेवन किया जाए तथा दोपहर के समय तेज धूप में निकलने से बचा जाए।

